Indian Railways launches new platform Rail Drishti

रेलवे की प्रगति व संचालन के संबंध में आयोजित संगोष्ठी में आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल ने रेलवे के निजीकरण को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के समक्ष विरोध जताया है। उन्होंने कहा कहा कि चरण बद्ध तरीके से रेलवे का निजीकरण किया जा रहा है। निजीकरण व मल्टी स्कीलिंग व्यवहारिक नहीं है।

इसे किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेलवे के रिक्त पदो का 50 प्रतिशत सरेन्डर करना, पिछले दो साल के भर्ती के मांग पत्र व पेैनल की समीक्षा कर घटाना, एक्ट अप्रेंटिस को रद्द करने का कड़ा विरोध दर्ज किया । उन्होंने कहा कि लार्जेस स्कीम के तहत उनके बच्चों को नौकरी देने का विस्तार, एलडीसीई ओपन टू ऑल करना आवश्यक है ।


उन्होंने कहा कि ठेकेदारी प्रथा में लगातार काम की क्वालिटी का स्तर घट रहा है तथा उनका शोषण भी हो रहा है । AIRF के पदाधिकारी के अनुसार शिव गोपाल ने कहा कि वरिष्ठ पर्यवेक्षकों को निर्णय के अनुसार 4800 ग्रेड पे देना , लोको पायलट का 4600 ग्रेड पे देना रेल कर्मियों के महंगाई भत्तों को फ्रीज किए निर्णय को वापिस लेते हुए पुन: लागू करना , टीए की कटौती पर लगी रोक हटाना आदि मुद्दो का समाधान अविलम्ब होना चाहिए । उन्कहोंने कहा कि कोविड – 19 से पूरे भारतीय रेल में लगभग 315 रेल कर्मी शहीद हो चुके है । उनको 50 लाख का मुआवजा दिया जाए
और उन्हें कोरोना वॉरीयर्स के समान कोरोना वॉरीयर्स इंश्योरेंस के तहत रेल कर्मियों को भी शामिल करना चाहिए ।

109 रूट पर चलने वाली 150 ट्रेनों को पूंजीपतियों के हाथों में सौपने का विरोध करते हुए अशोक शर्मा ने मांग की सभी स्टेशनों पर कार्यरत रेलकर्मियो का कोरोना टेस्ट करना चाहिए । रेल कार्यालयों में स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार कर्मचारियों के मध्य आवश्यक सामाजिक दूरी का भी क्रियान्वयन सुनिश्चित होना चाहिए । रेलवे के फ्रन्ट स्टॉफ ट्रेकमेंटेनर्स , एसएण्डटी, रनिंग स्टॉफ , विद्युत, इंजीनियरिंग आदि स्टॉफ के मध्य सोशल दूरी का पालन सुनिश्चित न करने के अलावा, रनिंग रूम, रेस्ट रूम, रेलवे कॉलोनी आदि निजीकरण एक आत्मघाती कदम है ।

लॉकडाउन व कोरोना काल में 7 लाख से अधिक रेल कर्मियों ने निर्धारित रूट पर लगातार काम किया है, जिसको रेल राज्य मंत्री सुरेश अगाड़ी ने भी माना है कि विपरीत परिस्थितियों में रेलकर्मियों का अतुलनीय योगदान रहा है । रनिंग स्टॉफ के ए.एल.के. का भुगतान निर्मित रूप से करने आदि की मांग को WREU के महामंत्री भोसले ने पूरे जोर तरीके से रखते हुए कहा कि हमें रेल राजस्व को बढाने के लिए स्थायी रेल कर्मियों की सेवा ही लेते हुए ठेकेदारी प्रथा को तत्काल बंद करना ही रेल हित में होगा । उन्होंने कहा कि रेल कर्मियों की ज्वलंत समस्याओं ए.आईआर.एफ से रेल मंत्री को अवगत कराया और उनके जल्द निवारण की मांग की