Union Min Piyush Goyal holds video conference with city ...

कोरोना काल में हमें राजस्व बढ़ाने का सामूहिक प्रयास करना होगा। रेल कर्मचारी अगर चाहे तो रेलवे राजस्व अपना बढ़ा सकता है। यह बात केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक ऑनलाइन संगोष्ठी के दौरान रेलवे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कही। सूत्रों के हवाले से खबर है कि रेल मंत्री ने सातवें वेतन आयगो और कोरोना को रेलवे की बिगडती माली हालत का मुख्य कारण बताया और कहा कि निवेश ही एक मात्र उपाय है कि इससे उभरा जा सके। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को रेलवे को इस परिस्तिथि से उभारने के लिए आगे आना होगा।

रेल मंत्रालय की तरफ से आयोजित संगोष्ठी में गोयल ने रेल यूनियन के नेताओं से कहा वे इस पर ध्यान दें कि महामारी के दौर से कैसे उबरा जाए। इस मौके पर पीयूष गोयल ने लॉकडाउन में रेल कर्मियों के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेल कर्मियों ने ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन किया।
रेल राज्य मंत्री सुरेश आंगड़ी ने कहा कि रेल पिछले 167 वर्षों में कभी नहीं रुकी थी। इस महामारी के कारण इसे रोक दिया गया। इस दौर में भी रेल कर्मियों ने बेहतर काम किया। एक योद्धा के रूप में काम करने के लिए कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मेहनत के बल पर ही हम भारतीय रेलवे को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ रेलवे बनाएंगे।


रेलवे बोर्ड के एचआर महानिदेशक आनंद एस खाती ने कहा कि रेलवे में 12.18 लाख से अधिक कर्मचारी हैं। हाल ही में 1.21 लाख कर्मचारियों की भर्ती की गई है। 1.40 लाख रिक्तियों की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यूनियनों के पदाधिकारियों ने कहा कि रेलवे के विकास के लिए कर्मचारी अपने मिशन में मंत्रालय के साथ खड़े थे। वित्तीय सुधार न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि राष्ट्र के हित में भी हैं। इस कामगार संगोष्ठी में रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी श्री वीके यादव समेत रेल यूनियन के पदाधिकारी राखल दास गुप्ता, गुम्मन सिंह, शिव गोपाल मिश्रा, डॉ. एम राघवैया समेत कई पदाधिकारी शामिल हुए।