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रेलवे में निजीकरण तेजी से पावं पसार रहा है जिसको लेकर रेलवे कर्मचारियों में डर का माहौल पैदा हो गया है। नयी भर्ती पर तो रोक लग ही गयी है वहीं लगी लगाई नौकरी पर भी लगातार खतरा मंडरा रहा है। इसी खतरे के बीच खबर है कि भारतीय रेल ने 3 लाख कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला किया है। हालांकि इसकी अभी सरकार की ओर से पुष्टी नहीं की गई है।

लेकिन खबर है कि रेलवे ने अपने 13 लाख कर्मचारियों की संख्या को घटाकर 2020 तक 10 लाख तक लाने का इरादा किया है। इसके लिए रेलवे ने अपने सभी जोन से ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट तैयार करने को कहा है जो 55 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं या उनकी नौकरी के 30 साल पूरे हो गए हैं।

रेलवे ने सभी जोन से ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट 9 अगस्त तक भेजने को कहा है। खबर के अनुसार रेलवे ने यह पत्र 27 जुलाई को जारी किया है। पत्र में जोनल रेलवे के अधिकारियों से कर्मचारियों की मानसिक और शारीरिक फिटनेस, अटेंडेंस और अनुशासन के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा एक अन्य सेक्शन में संसाधनों के खर्च को लेकर कर्मचारी के रवैये के बारे में पूछा गया है।

रेलवे बोर्ड के आदेश को आधार बनाकर दक्षिण पूर्व रेलवे के सहायक कार्य प्रबंधक कारखाने में कार्यरत 55 वर्ष से अधिक उम्र वाले अथवा 30 साल से अधिक नौकरी पूरी करने वालों के कार्यों की समीक्षा करा रहे हैं। रेलवे बोर्ड का मानना है कि 30 से 32 प्रतिशत कर्मचारी हैं, जिन्होंने 30 साल की सेवा पूरी की है और उनकी उम्र भी 55 से अधिक हो चुकी है। रेलवे कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा के तहत कर्मचारियों के कार्यालय आने-जाने का समय, कार्य क्षमता, स्वास्थ्य, किसी तरह की कोई सजा हुई है उसकी समीक्षा करने सहित अन्य बिंदुओं का आकलन किया जाएगा।