872 रेलवे कर्मी, उनके परिजन और पूर्व कर्मचारी कोरोना संक्रमित

मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे के अब तक 872 कर्मचारी, उनके परिवार के सदस्य और सेवानिवृत्त कर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं और इनमें से 86 की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार सभी रोगियों को इलाज के लिए पश्चिमी रेलवे के जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस अस्‍पताल को अप्रैल में ही कोविड 19 अस्‍पताल घोषित कर दिया गया था। कुल मामलों में से 559 मध्य रेलवे से और 313 पश्चिमी रेलवे से सामने आए हैं ।

COVID-19 की मृत्यु के 86 रोगियों में से 22 मौजूदा रेलवे कर्मचारी थे (मध्य रेलवे के 14 और पश्चिम रेलवे के  आठ) और अन्य उनके परिवार के सदस्य और सेवानिवृत्त कर्मी शामिल थे। अधिकारियों ने कहा कि अभी तक 132 रेलवे कर्मचारियों, उनके परिवार के सदस्यों और सेवानिवृत्त कर्मियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

 वर्तमान में, मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे दोनों द्वारा सीमित संख्या में यात्रियों के साथ कुछ विशेष रेलगाड़ियों, माल गाड़ियों और 700 स्थानीय रेल सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। कुछ रेलवे यूनियनों ने दावा किया कि 15 जून से लोकल ट्रेन सेवाओं के फिर से शुरु होने के बाद से, रेलवे कर्मचारियों के बीच COVID-19 मामलों में वृद्धि हुई है।

राष्ट्रीय रेलवे मजदूर संघ के अध्यक्ष वीनू नायर ने बताया कि, “राज्य सरकार ने कार्यालयों में केवल 15 से 30 प्रतिशत उपस्थिति की अनुमति दी है, लेकिन रेलवे में लगभग 100 प्रतिशत फील्ड कर्मचारी उपनगरीय ट्रेन सेवाओं की बहाली के बाद से काम कर रहे हैं।” हालांकि, जोनल रेलवे ने कहा कि COVID-19 मामलों में वृद्धि और सेवाओं की बहाली के बीच कोई संबंध नहीं है। 

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने कहा कि वे रेल कर्मियों और यात्रियों के बीच COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए अत्यधिक सावधानी बरती जा रही है। उन्होंने कहा, “हम रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। हम अपने कर्मचारियों को मास्क, सैनिटाइजर और अन्य सभी सुरक्षा उपकरण प्रदान कर रहे हैं।”