From Steam Engines To Touching 180 km/hr: Timeline Of Indian Railways

कुपोषण व कई रोगों से ग्रसित गैंगमैन पुनीत रेलवे के बाबुओं की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा है। वह भूखों मरने को विवश है। आलम यह है कि न्यायालय के आदेश के बाद भी पुनीत पिछले सात माह से मंडल कार्यालय से लेकर बापूधाम मोतिहारी सहायक मंडल अभियंता कार्यालय का दौड़ लगा चुका है। लेकिन, उसे आजतक एक भी फूटी कौड़ी नहीं मिल सकी। जानकारी के मुताबिक बापूधाम मोतिहारी स्टेशन पर तैनात गैंगमैन पुनीत को 4 वर्ष 2 महीना अधिक कार्य कराकर 27 अप्रैल 2017 को काम से हटा दिया गया।

रेलवे इंजीनियरिग के रेल पथ विभाग में कार्यरत गैंगमैन पुनीत को वर्ष 2013 में रिटायर हो जाना चाहिए था। लेकिन रेलवे की लापरवाही के कारण 4 वर्ष 2 महीना अधिक कार्य कराकर 27 अप्रैल 2017 को काम से हटा दिया गया। मामले की जांच के बाद गैंगमैन पुनीत के पे-स्लिप में भी छेड़छाड की बात सामने आई थी। सेवा पुस्तिका में पुनीत की जन्म तिथि 21 दिसंबर 1953 दर्ज है। जबकि उसके पे-स्लिप में जन्म तिथि 21 दिसंबर 1957 दर्ज है। मामला सामने आने के बाद तत्कालीन सहायक मंडल अभियंता मनोज कुमार ने दो बाबुओं के खिलाफ मेजर चार्जशीट की अनुशंसा कर अपनी रिपोर्ट वरीय अधिकारी को भेजी थी। उसके बाद मंडल कार्मिक पदाधिकारी बीके राय और सहायक मंडल वित्त प्रबंधक गणनाथ झा ने इस मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट मंडल कार्यालय को भेजी दी थी। उसके बाद रेल प्रबंधन ने चुप्पी साध ली। इधर, न्याय नहीं मिलता देख पुनीत ने कैट में गुहार लगाई। सुनवाई के बाद कैट ने 21 फरवरी 19 को पुनीत के पक्ष में आदेश दिया। न्यायालय आदेश के सात माह बीत जाने के बाद भी मंडल रेल प्रबंधन कार्यालय ने पुनीत का एक पैसा भुगतान नहीं किया। मामला संज्ञान में आने के बाद ईस्ट सेंट्रल रेल कर्मचारी यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष सह इंडियन रेलवे कर्मचारी फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अच्युतानंद पटेल ने कहा है कि पुनीत का यह पहला मामला नहीं है। कई ऐसे मामले है जिसमें कर्मचारी न्याय के लिए मंडल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। पुनीत को न्यायाल दिलाने के संबंध में पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक हाजीपुर और मंडल रेल प्रबंधक समस्तीपुर को पत्र भेजा हूं। ——–

बयान – मैं प्रशिक्षण के लिए बाहर गया था। इस बीच कोरोना संक्रमण के बीच देश में लॉकडाउन जारी हो गया। इस बीच न्यायालय का जो आदेश आया है उससे मैं अवगत नहीं हूं। कागजात का अवलोकन करने के पश्चात ही कुछ बता पाउंगा। अर्जुन सिंह सहायक मंडल अभियंता, बापूधाम मोतिहारी।