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नए आदेश में कहा गया है कि सेफ्टी से जुड़े नए पदों को छोड़कर कोई भी दूसरे पद न बनाए जाएं. खर्चों में कटौती की गाज कर्मचारियों के ओवर टाईम एलाउंस और ट्रेवेलिंग एलाउंस पर भी पड़ी है जिन्हें 50% कम कर दिया गया है.

कोरोना और लॉकडाउन के चलते रेलवे की कमाई पर भारी असर पड़ा है. रेलवे की कमाई में पछले साल अप्रैल-मई की अपेक्षा इस साल 58% की कमी आई है. ऐसे में रेलवे के फाइनेंशियल कमिश्नर ने रेलवे के खर्चे को कम करने के सुझाव को लेकर सभी 18 जोन के जीएम को आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है कि चूंकि भारत सरकार ने रेलवे को अपने सभी खर्चे अपनी कमाई से चुकाने के लिए आदेशित किया है इसलिए जरूरी है कि खर्चों को और भी सीमित किया जाए.

कर्मचारियों की हो सकती है छंटनी रेलवे के ऐसे कर्मचारी जिन्हें सेवानिवृत्ति के बाद भी कॉट्रैक्ट पर रख लिया गया था उन्हें पहले ही निकालने का आदेश जा चुका है. अब अन्य कॉट्रैक्ट कर्मचारियों की भी छंटनी की जाएगी. आदेश में कहा गया है कि रि-इंगेज्ड स्टाफ को रिव्यू करें और उनको कम करने की संभावना तलाशें.

नए पदों पर लग गई है रोक नए आदेश में कहा गया है कि सेफ्टी से जुड़े नए पदों को छोड़कर कोई भी दूसरे पद न बनाए जाएं. पिछले 2 साल में बनाए गए नए पदों को रिव्यू करें और अगर उन नए पदों पर भर्तियां अगर न की गई हों तो उस पर रोक लगाई जाए.

एलाउंस होगा कम, पीआरएस काउंटर भी खर्चों में कटौती की गाज कर्मचारियों के ओवर टाईम एलाउंस और ट्रेवेलिंग एलाउंस पर भी पड़ी है जिन्हें 50% कम कर दिया गया है. इसके अलावा दूसरे एलाउंसेज को भी 33% से 50% तक कम करेने का आदेश हुआ है. पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम के पीआरएस काउंटर भी कम किए जाएंगे.

बिक जाएंगे 31 साल से पुराने सभी डीजल लोको आदेश के अनुसार, किसी भी नए प्रोक्योरमेंट को लेकर उसकी निकट भविष्य में उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाय. 31 साल से पुराने सभी डीजल लोको को बेचा जाए.

ठेकों का रिव्यू और कटौती आदेश में कहा गया है कि आउटसोर्सिंग गतिविधियों में कटौती करें. खासतौर से ऑनबोर्ड हाउस कीपिंग सर्विस, लिनेन मैनेजमेंट, स्टेशन क्लीनिंग, लिफ़्ट, एस्केलेटर मैनेजमेंट और स्टेशन एनाउंसमेंट का काम जहां तक संभव हो रेलवे कर्मचारी खुद करें.

स्टेशनों पर सजावट के काम बंद होंगे नए आदेश में कहा गया है कि जब तक फंड न हो तब तक कोई प्रपोजल या टेंडर की अनुमति न दें. जोन में होने वाले काम में कटौती करें. सिर्फ जरूरी आइटम को ही तरजीह दें, न कि फैंसी कामों को.

पुराने कांट्रैक्ट खत्म होंगे 2018-19 के फाइनेंशियल ईयर से पहले के सभी कॉन्ट्रैक्ट्स जिनको काम 2 साल से कम अवधि में काम पूरा करना था उन्हें खत्म किया जाएगा.

फ़्यूल और एनर्जी का होगा ऑडिट आदेश में ईंधन बचाने पर विशेष जोर दिया गया है. मेजर लोड सेंटरों का एनर्जी ऑडिट किया जाएगा. नॉन-ट्रैक्शन एनर्जी की खपत 25% तक कम किया जाएगा. ट्रैक्शन-एनर्जी उसे कहते हैं जिससे ट्रेन चलती है.

प्रशासनिक कामों में भी होगी कटौती आदेश में ये भी कहा गया है कि जोन और डिविजनों में प्रशासनिक कामों के लिए उपयोग में लाई जाने वाली गाड़ियों के खर्चे कम किए जाएं. ऑफिस की गाड़ी, मिनी वैन और ट्रक के ख़र्चों पर नजर रखी जाए.

चपरासी सिस्टम में कमी आएगी, ई-डाक को बढ़ावा ये भी निर्देश दिया गया है कि एनुअल जीएम इंस्पेक्शन में सुनिश्चित करें की कम से कम स्टाफ हो ताकि खर्चा ज्यादा न हो. किसी फाइल भेजने के लिए स्टाफ को भेजना बंद करें. ई-ऑफिस, ई-डाक का प्रयोग करे. इससे स्टेशनरी, कटरिजेज का इस्तेमाल 50% कम होगा. फर्नीचर, अतिरिक्त गाड़ियों, कंप्यूटर, प्रिंटर का प्रोक्योरमेंट न करें. जहां तक संभव हो इनॉग्यरल और सेरेमोनियल कार्यक्रम ऑनलाइन ही करें.

इमप्रेस्ट मनी में भी कटौती
सेफ्टी और कोरोना के आलावा सभी इमप्रेस्ट में 33-50% की कटौती की जाए. जो अंडर यूटेलाइज्ड हैं उसको सरेंडर किया जाय. कैश अवार्ड को सीमित करें. मनोरंजन, प्रचार, यात्राओं और मीटिंग्स को कम किया जाए.