रेलवे स्टेशन पर रात 12 बजे अधिकारियों में मारपीट

रेलवे स्टेशन पर रात करीब 12 बजे सीएनडब्ल्यू शाखा के एक सेक्शन इंजीनियर व वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के पदाधिकारी के बीच मारपीट की घटना हो गई। दोनों पक्ष ने जीआरपी थाने में आवेदन दिया है, लेकिन रेलवे ने सुबह अपने अधिकारी का बचाव करते हुए यूनियन के पदाधिकारी सहित एक कर्मचारी को निलंबीत कर दिया है। सारे मामले में जीआरपी ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। मारपीट की वजह कर्मचारियों को सेक्शन इंजीनियर द्वारा प्रताडि़त करना बताया जा रहा है। कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारी को शिकायत में लिखा है कि अधिकारी अभद्र भाषा का प्रयोग करते है व मानसिक रुप से प्रताडि़त करते हुए दबाव बनाते है।

यह है पूरा मामला
सीएनडब्यू विभाग के 18 कर्मचारियों ने बताया की उनका कार्य ट्रेन के डिब्बों का रखरखाव करना है, लेकिन हमारे अधिकारी मनोज भाभरिया द्वारा अलग-अलग कार्य के आदेश दे दिए जाते है। यहां तक की जब कहा जाता है कि जो मुख्य कार्य है पहले वो करेंगे तो प्रताडि़त किया जाता है। इस मामले में पूर्व में भी मंडल के वरिष्ठ अधिकारी कमलङ्क्षसह चौधरी को बताया गया, लेकिन वे मौन है। बुधवार रात करीब 12 बजे जब इसी प्रकार की घटना हुई तो हमारे द्वारा यूनियन के सचिव दीक्षांत पंड्या को बुलाया गया।

धक्का दे दिया गया
मामले में दीक्षांत सहित कर्मचारी अब्दुल जिलानी, कमलेशचंद्र, राजेश बोरासी व अन्य कर्मचारियों ने बताया कि जैसे ही दीक्षांत बात को आए तो उनके साथ अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए सेक्शन इंजीनियर ने धक्का दे दिया। व मारने को लकड़ी लेकर दौड़े। इसके बाद कर्मचारियों ने बीचबचाव किया। बाद में आधी रात को ही दोनों पक्ष ने पुलिस थाने में अपने अपने आवेदन दे दिए। बाद में रेलवे ने एक कर्मचारी सहित यूनियन पदाधिकारी को निलंबीत कर दिया है।

प्रताडऩा से परेशान हो गए
हमारे कर्मचारियों को जातिगत आधार पर उक्त अधिकारी प्रताडि़त कर रहा है। निलंबीत कर दिया कोई बात नहीं, कर्मचारियों के लिए रक्त की अंतिम बूंद भी काम आए तो कम है। कर्मचारियों के हित की लड़ाई जारी रहेगी।
– दीक्षांत पंड्या, सचिव, वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन

यह है रेलवे का पक्ष
यह कहना की अधिकारी ने मारपीट की, गलत आरोप है। जहां तक बात करने के तरीके की बात है तो हर व्यक्ति का अपना तरीका होता है बोलने का। अगर किसी कर्मचारी को शिकायत थी तो वे अपना पक्ष वरिष्ठ अधिकारी को रख सकते थे, लेकिन मारपीट करना जायज नहीं है इसलिए निलंबन की कार्रवाई की गई है।
– विनीत गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक