Railway Staff Serious Illness In Sagar Indian Railway Health Camp ...

रेल कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। आरोप है कि कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी एक दिन ड्यूटी और एक दिन घर में रहते हैं,जबकि फील्ड में जाने वाले कर्मचारियों से रोजाना काम लिया जा रहा है। जिसे लेकर नाराजगी है। मामले में जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।

रेलवे के इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, सिग्नल, कमिर्शियल, पर्सनल, ऑपरेटिंग आदि विभागों में फील्ड वर्क करने वाले कर्मचारियों ने इस मामले में अपनी पीड़ा व्यक्त की। नाम नहीं छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि कोरोना संक्रमण और खतरे को देखते हुए बोर्ड के नियमानुसार कार्यालय में आधे कर्मचारियों से काम लेने के बहाने कार्यालयीन स्टॉफ को एक दिन कार्यालय और एक दिन वर्क फ्राम होम दिया जा रहा है। जबकि फील्ड में जाने वालों के लिए ऐसा कुछ नियम नहीं है। प्रतिदिन काम लिया जा रहा है। नियमों का आड़ लेकर अधिकारी भी मौज कर रहे हैं। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि क्या फील्ड में जोन वालों को कोरोना का संक्रमण नहीं होगा? बिलासपुर मंडल में लगभग 17 से 18 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।

रेलवे में काम ही नहीं कोचिंग डिपो में काम करने वाले एक कर्मचारी ने यहां तक कहा कि यात्री ट्रेनों का परिचालन थमने के बाद से लगभग सन्नाटा पसरा हुआ है। ट्रेनों की धुलाई से लेकर अन्य कार्य ठप हैं। गिनती की ट्रेन हैं। जिसके लिए एक दिन ड्यटी पर आते हैं और दूसरे दिन घर पर रहना पड़ता है। फील्ड वालों को जाना पड़ेगा क्योंकि वे इमरजेंसी स्टॉफ के दायरे में आते हैं। एक अन्य फील्ड कर्मचारी ने कहा कि सबकुछ अधिकारियों पर निर्भर है। बशर्तें उन्हें खुद फील्ड में आकर परिस्थिति देखनी चाहिए।

कर्मचारियों की ड्यूटी,यह हमारा विभागीय मामला है। रेलवे बोर्ड के नियमानुसार काम लिया जा रहा है। पुलकित सिंघल सीनियर डीसीएम,दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर