ਟਿਕਟ ਚੈਕਿੰਗ ਸਟਾਫ ਰਿਸ਼ਵਤ ਲੈਂਦਾ ਫੜਿਆ ...

यात्रियों की शिकायत और चल टिकट परीक्षकों के प्रति आम जनता के असंतोष को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने टिकट चेकिग काम आरपीएफ से कराने का मन बना लिया है। इसके लिए आठ मई को आठ सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई। इस कमेटी को एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी है। सभी जोनल रेलवे अपनी-अपनी सहमति भी देने लगे हैं। इस नई व्यवस्था से यात्री सेवा में सुधार होने की संभावना है। उधर आरपीएफ जवानों से टिकटों की जांच कराए जाने से टिकट परीक्षकों की परेशानी बढ़ गई है।

आरपीएफ और चल टिकट परीक्षकों में ट्रेनों में बिना टिकट के यात्रा करने वाले यात्रियों को लेकर विवाद होता रहता है। अनेक बार इन विवादों के कारण एफआइआर भी दर्ज हुए है। आए दिन बढ़ रहे मामलों को देखते हुए आठ सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। वैसे तो 30 प्रस्तावों के द्वारा रेल में कार्यरत विभिन्न कैडरों को मर्जर करने के लिए यह कमेटी बनाई गई है। इन प्रस्तावों में प्रस्ताव संख्या 10 के आरपीएफ कांस्टेबल को टिकट चेक करने के अधिकार दिया जाना। सबसे अधिक चर्चा का विषय पिछले एक महीने से बना हुआ है। रेलवे बोर्ड के उप सचिव एसी जैन ने एक कमेटी का गठन कर सुझाव मांगा है। यदि सभी प्रस्ताव लागू हुए तो रेल प्रशासन, परिचालन और यात्री सेवा में परिवर्तन होने की संभावना है।

कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की योजना रेलवे बोर्ड इन सुधारों को कार्यरूप में लागू करने के पहले अपने कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा है। प्रशिक्षण के बाद इन सुधारों को लागू कर दिया जाएगा। कुछ रेलवे यूनियन और कर्मचारी इन सुधारों को विरोध कर रहे हैं लेकिन मोदी सरकार इन्हें लागू करने की दिशा में बढ़ रही है। आरपीएफ स्टाफ टिकट चेकिग का अधिकार मिलने से खुश है। इस नई व्यवस्था से यात्री सेवा में सुधार होने की सम्भावना है। वर्जन..

इस मामले में अभी रेलवे बोर्ड ने सुझाव मांगा है। सुझाव देने के बाद बोर्ड से जो आदेश प्राप्त होगा, उसका पूरे निष्ठा के साथ निर्वहन किया जाएगा। आशीष मिश्र, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल