रेलवे अस्पताल में 26 कोरोना संक्रमित, कर्मचारी भयभीत

बिथरी के कोविड-19 अस्पताल के 26 कोरोना संक्रमित मरीजों के इज़्ज़तनगर रेलवे अस्पताल में शिफ्ट होने के बाद कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। उनका कहना है कि मरीज बेरोकटोक अस्पताल में घूम रहे हैं। अस्पताल के पास में ही रेलवे का कंट्रोल रूम, मंडल ऑफिस, ऑफिसर्स कॉलोनी एवं स्टेशन कॉलोनी है जिसमें करीब ढाई से तीन हजार की आबादी रहती है।

जिला प्रशासन ने कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पहले ही इज्जतनगर रेलवे अस्पताल को कोविड-19 का दूसरा अस्पताल बना दिया था जब यहां संक्रमित मरीजों को भर्ती किया गया तो अस्पताल प्रशासन ने एक ही गेट से संक्रमित और अस्पताल में आने जाने वाले अन्य मरीजों व कर्मचारियों के लिए प्रवेश की अनुमति दे दी। गेट के बीच में तीन फीट ऊंची टीन रखकर एक से दो रास्ते बना दिए। संक्रमित मरीजों को रोकने के लिए कोई भी रोकथाम नहीं है। इसी तरह जिस वार्ड में संक्रमित मरीज भर्ती है, वहां एक भी गार्ड की तैनाती नहीं है, जिससे यदि संक्रमित मरीज कोई मनमानी करता है तो उसे सुरक्षाकर्मी रोक सकें।

आबादी से 300 मीटर दूर होना चाहिए था अस्पताल रेल कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन में स्पष्ट है कि कोविड-19 अस्पताल उस जगह बनाएंगे जहां से आबादी 300 मीटर दूर हो। रेलवे अस्पताल तो बीच आबादी में है। उसकी दीवार रेल मंडल अस्पताल और रेलवे कॉलोनियों से जुड़ी हुई है।