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नगर निगम के सेवारत व सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को अब तक वेतन व पेंशन नहीं मिल सकी है। इस माह मिल पाना भी संभव नहीं है, क्योंकि राज्य वित्त आयोग से अब तक धनराशि जारी नहीं हो सकी है। नगर निगम के खाते में इतना पैसा नहीं है कि वह सभी को वेतन व पेंशन दे सके। ऐसे में सिर्फ सफाई कर्मचारियों के वेतन भुगतान की उम्मीद है। जिससे सफाई कार्य प्रभावित न हो। कर्मचारी संगठनों ने नगर विकास मंत्री से गुहार लगाई है।

राज्य वित्त आयोग से माह के पहले सप्ताह में अनुदान राशि जारी हो जाती है। जो नगर विकास विभाग व स्थानीय निकाय निदेशालय होते हुए नगर निगम में पहुंचती है। इस प्रक्रिया में एक सप्ताह का समय लग जाता है। पिछले माह नगर निगम को 35 करोड़ रुपए पहले सप्ताह में मिल गए थे।

सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन व सेवानिवृत की पेंशन समय से उनके खाते में पहुंच गई थी। इस माह अब तक राज्य वित्त आयोग में धनराशि अवमुक्त करने के लिए कोई सुगबुगाहट नहीं है। इतनी बड़ी रकम एकत्र कर पाना नगर निगम के लिए फिलहाल संभव नहीं है। नगर निगम की आर्थिक स्थिति पहले से खराब है। कोरोना के कारण हाउस टैक्स की वसूली भी बाधित है। पिछले छह अप्रैल से अब तक 21.80 करोड़ रुपए ही जमा हो सके हैं। इसमें कुछ धनराशि वेतन व अन्य मदों में खर्च हो चुकी है। जो बची है उसमें सफाई कर्मचारियों का वेतन भुगतान प्राथमिकता पर रखा गया है।

निकाय कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी लखनऊ। लम्बित समस्याओं का समाधान न होने से नाराज स्थानीय निकाय कर्मचारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में उप्र स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री व नगर विकास मंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों पर शीघ्र विचार की मांग की है। कर्मचारियों की समस्याओं पर रविवार को वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए संगठन की बैठक हुई। इसमें निकाय कर्मचारियों की वेतन विसंगति, कैडरों का पुनर्गठन, स्थायीकरण व विनियतीकरण, नियुक्ति, संविदा, एवजदार तथा आउटसोर्सिंग आदि कर्मचारियों का नियमितीकरण, दैनिक मजदूरी में बढोत्तरी आदि मामलों पर सरकार की अनदेखी पर नाराजगी व्यक्त की गई। संगठन के अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र व प्रवक्ता सैय्यद कैसर रजा ने कहा कि अकेन्द्रीयत सेवा के कर्मचारियों के लिए बनायी जा रही सेवा नियमावली में महासंघ की ओर दिए गए सुझाव एवं आपत्ति पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय निकायों की खराब आर्थिक स्थित व राज्य वित्त आयोग से की जाने वाली कटौतियों पर कोई सार्थक निर्णय नहीं हो सका है। कर्मचारियों में नाराजगी वेतन-पेंशन भुगतान में देरी से कर्मचारियों में नाराजगी है।

उप्र स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनको प्रोत्साहित करने के बजाए सरकार हतोत्साहित कर रही है। उधर नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद वर्मा व उप्र नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि बिना वेतन पूरी निष्ठा से काम कर पाना संभव नहीं होगा। संगठनों ने नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर धनराशि अवमुक्त करने की गुहार भी लगाई है। मंत्री से गुहार ’ इस माह अभी तक नहीं बांटा गया वेतन ’ इस माह सिर्फ सफाई कर्मियों को मिल सकता है वेतन