रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद  जल्द ही यहां से शुरू हो सकती हैं और भी ट्रेनें, करनी है यात्रा तो पढ़ें खबर

खम्म जिले के एर्नाकुलम में काम करने वाले एक रेलवे कर्मचारी ने गुरुवार की सुबह जहर खाकर खुदकुशी कर ली। जी. कोन्द्रू के सब-इंस्पेक्टर रामबाबू ने कहा, “उस शख्स ने एर्नाकुलम रेलवे पटरी के पास सेल्फी वीडियो की रिकॉर्डिंग करते हुए कीटनाशक खा लिया। बाद में वह मोटर साइकिल से अपने घर गया और परिवार वालों को इसके बारे में बताया। पहले उसे म्यलावरम सरकारी अस्पताल लेकर जाया गया और बेहतर इलाज के लिए उसे विजयवाड़ा सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया गया।”

उन्होंने आगे बताया, “इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत केस दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है। सेल्फी वीडियो में वह व्यक्ति अपने ऊचे अधिकारियों के ऊपर गंभीर आरोप लगा रहा है।” पुलिस ने बताया कि वे उन पहलुओं से भी जांच करेगी।

रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद जल्द ही यहां से शुरू हो सकती हैं और भी ट्रेनें, करनी है यात्रा तो पढ़ें खबर

लॉक डाउन(Lockdown) के बाद अब जबलपुर-दिल्ली-जबलपुर और जबलपुर-भोपाल-जबलपुर जनशताब्दी एक्सप्रेस चालू की गई है। दोनों ट्रेनों को चालू हुए 3 दिन हो गया है। ऐसा में अब कहा जा रहा है कि आने वाले कुछ  दिनों में ट्रेनों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।अब इन ट्रेनों को भी स्पेशल ट्रेन के रूप में ही चलाया जा सकता है और रिजर्वेशन के बाद ही इनमें यात्रा कर सकेंगे।

रीवा रूट पर अधिक ट्रैफिक

अब कहा जा रहा है कि दिल्ली और भोपाल के बाद सबसे ज्यादा ट्रैफिक रीवा रूट पर रहता है। इसके चलते रीवा रूट पर ट्रेन चालू करने की कोशिस की जा रही है। इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना और मैहर से रोजाना हजारों लोग इस रूट की ट्रेनों में सफर करते हैं। इसमें छात्रों से लेकर व्यवसायी, नौकरीपेशा सभी शामिल हैं।

अब  की जा रही तैयारियाँ

नई ट्रेनों का संचालन चालू  हो सके, इसके लिए विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर खड़े कोचों को  वापस बुलाया जा रहा है। इसके अलावा आइसोलेशन कोचों को भी सामान्य कोचों में बदला  जा रहा है। प्रथम चरण में 27 में से 15 आइसोलेशन कोच सामान्य कोचों में तब्दील किए जा रहे हैं।

अब प्रत्येक ट्रेन में 90 मिनट पहले आना होगा 

इंटर सिटी  हो या फिर एक्सप्रेस। किसी भी ट्रेन में यात्रा करने के लिए यात्रियों को पहले टिकट लेना होगा। अब कहा जा रहा है  कि आने वाले कुछ माहों तक सभी यात्री को 90 मिनिट पहले स्टेशन पहुंचना होगा, जहां उसकी स्क्रीनिंग के साथ बैग को सेनेटाइज किया जाएगा।

इसलिए इनकी उम्मीद अधिक

 रेलवे बोर्ड के साथ ही राज्य प्रशासन को यह निर्धारित करना है कि ट्रेनों का संचालन किया जाना है या नहीं।  मप्र में किसी भी जिले में आने-जाने के लिए अब छूट मिल गई है,  ऐसा में अब माना जा रहा है कि राज्य शासन अब जल्द ही रेलवे से संपर्क कर इंटरसिटी और पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की बात कह सकता है।

ट्रेनों के संचालन की तैयारियां की जा रही हैं। रेलवे बोर्ड से जैसे ही दिशा निर्देश मिलेंगें, तो ट्रेनों का संचालन चालू किया जाएगा।

सीनियर डीसीएम(DCM), जबलपुर रेल मंडल