Buying houses take a hit, work out ways to cut costs and staff ...

कोरोना की मार सरकार की छत्रछाया वाले उपक्रमों के कर्मचारियों पर भी पड़़ने लग गई है। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने लॉकड़ाउन की वजह से दफ्तर नहीं आ पाने अथवा क्वारंटाइन होने वाले कर्मियों को उक्त अवधि का अवकाश लेने का फरमान जारी किया है जिन कर्मियों के पास अवकाश नहीं बचे हैं‚ उनका इस अवधि का वेतन कटेगा। ॥

नए भर्ती वाले ८५०० कर्मियों के लिए एलआईसी का मंगलवार को जारी यह आदेश अधिक परेशानी वाला है क्योंकि जिनकी नौकरी ही अभी शुुरू हुई है‚ उनके पास एक या दो महीने का अवकाश नहीं हैं। यानी लॉकड़ाउन की वजह से दफ्तर नहीं आने वाले नए कर्मियों को अपना पूरा वेतन कटाना पड़े़गा। एलआईसी ने अपने आदेश में यह भी साफ लिखा है कि मूल कार्यालय से बाहर फंसे कर्मियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम ) की अनुमति नहीं दी जाएगी।

एलआईसी का यह आदेश लॉकड़ाउन के वक्त गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन के तहत जो निर्देश जारी किए थे उसके विपरीत है। गृह मंत्रालय ने साफ कहा था कि कर्मी घर पर रहेंगे और उनसे घर से ही काम लिया जा सकता है। इस निर्देश में साफ कहा गया था कि इसे लॉकड़ाउन माना जाएगा और सभी कर्मियों को पूरे वेतन की पात्रता होगी। एलआईसी की स्थिति उन छोटी इकाईयों जैसी नहीं है जो कारोबार नहीं चलने की दलील देकर वेतन देने में आनाकानी कर रही हैं। एलआईसी भारत के सबसे मजबूत उपक्रमों में से एक है।

उसके पास ३६ लाख करोड़़ रुûपए की संपत्तियां हैं। पिछले साल उसने ३‚३७००० करोडÃ रुûपए का व्यवसाय किया है। एलआईसी के सवा लाख कर्मी हैं। ॥ एलआईसी ने कहा है कि वह क्वारंटाइन अवधि में सिर्फ उन्हीं कर्मियों को विशेष अवकाश प्रदान करेगा जिनको संक्रमण या उसकी आशंका दफ्तर आने की वजह से हुई है अथवा दफ्तर ने उन्हें क्वारंटाइन होने के लिए कहा है। विशेष अवकाश देने की पात्रता उच्च अधिकारियों को ही होगी॥। एलआईसी ने ड़ाक्टर की सलाह पर होम क्वारंटाइन होने वाले कर्मियों को कहा है कि उन्हें हर हाल में चिकित्सा अवकाश या विशेषाधिकार अवकाश (पीएल) लेना होगा। जो कर्मी लॉकड़ाउन की वजह से दफ्तर नहीं आ सके हैं उन्हें विशेषाधिकार अवकाश (पीएल) लेने और मेडि़कल सर्टिफिकेट देने को कहा गया है।

एलआईसी में ८००० क्लर्क और ५०० अधिकारियों की नई भर्ती हुई है। लॉकड़ाउन अवधि में दफ्तर नहीं आना उनकी वरिष्ठता पर भी असर ड़ालेगा और उनके प्रशिक्षण की अवधि भी आगे बढ़ø जाएगी। अगर एलआईसी लॉकड़ाउन की वजह से उनकी अनुपस्थिति को सरकार के कहे अनुसार काम पर मान लेती तो उन्हें ऐसा नुकसान नहीं होता। सबसे बड़़ा सवाल यह है एलआईसी ने लॉकड़ाउन अवधि का अवकाश या वेतन कटाने वाला आदेश मार्च में ही क्यों नहीं निकाला ॽ॥ दूसरे शहर से किए जाने वाले वर्क फ्रॉम होम को भी खारिज किया॥

नई भर्ती वाले ८५०० कर्मी जिनके पास अवकाश नहीं है‚ उनके पास वेतन काटने के लिए सिवाय विकल्प नहीं॥ एलआईसी ने कहा‚ जो लॉकड़ाउन में दूसरे शहर में फंसे हैं‚ उन्हें अवकाश लेना होगा॥ द अजय तिवारी॥ नई दिल्ली/एसएनबी॥ दूसरे शहर से किए जाने वाले वर्क फ्रॉम होम को भी खारिज किया॥ नई भर्ती वाले ८५०० कर्मी जिनके पास अवकाश नहीं है‚ उनके पास वेतन काटने के लिए सिवाय विकल्प नहीं॥ एलआईसी ने कहा‚ जो लॉकड़ाउन में दूसरे शहर में फंसे हैं‚ उन्हें अवकाश लेना होगा॥