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लॉकडाउन के कारण चक्रधरपुर रेलमंडल में काम कर रहे करीब 23 हजार रेल कर्मचारियों के मुफ्त यात्रा के लिए जारी किए जाने वाले सुविधा पास की अवधि 30 मई को खत्म हो रही है। दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर पास की अवधि बढ़ाने की मांग की है।

रेलवे के अधिकारी, कर्मचारियों को उनके परिवार एवं आश्रित की मुफ्त यात्रा के लिए सुविधा पास जारी किए जाते हैं। इन पास की वैधता अवधि इनके जारी किए जाने की तिथि से पांच माह तक होती है। हर साल के आखिर में जारी पास की वैधता अगले साल के 30 मई तक होती है। अधिकतर अधिकारी एवं कर्मचारी बच्चों की छुट्टियों को ध्यान मे रखते हुए 31 दिसंबर को पास जारी कराते हैं और अप्रैल-मई में परिवार के साथ घूमने का कार्यक्रम बनाकर, ट्रेन में रिजर्वेशन करते हैं। इस बार लॉकडाउन के कारण 22 मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया, जिसके चलते रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों के दिसंबर 2019 में जारी हुए सुविधा पास अवैध हो जाएंगे, जिसके कारण उनका एक सेट पास बिना यात्रा किए ही अमान्य हो जाएगा।

रेलवे बोर्ड ने दिया है आश्वासन दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के चक्रधपुर रेल मंडल के को-ऑर्डिनेटर शशि मिश्रा ने ने बताया कि इस मुद्दे को ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने रेलवे बोर्ड के सामने पुरजोर तरीके से उठाया है। रेलवे बोर्ड द्वारा जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी करने का आश्वासन दिया है।

पीटीओ की अवधि बढ़ाएगा रेलवे रेलवे द्वारा कर्मचारियों को पास के अलावा सुविधा टिकट आदेश (पीटीओ) भी उपलब्ध कराया जाता हैं। कर्मचारी को एक साल में मिलने वाले यदि तीनों पास खत्म हो जाते हैं, तो रेलवे कर्मचारी व उसके परिवार को रियायती यात्रा करने के लिए पीटीओ देती है, जिसके माध्यम से किराया एक चौथाई ही लगता है। कर्मचारी एक साल में अधिकतम छह पीटीओ का उपभोग कर सकता है। ऐसे में अगर किसी रेलकर्मी ने दिसंबर में पीटीओ निकलवाया था, तो उसके पीटीओ की अवधि को भी बढ़ाने की मांग की गई है।