Railways

भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग करने वाले मजबूत सॉफ्टवेयर में टिकट दलालों ने सेंध लगाकर रेलवे बोर्ड हैरान कर दिया है। इसके खिलाफ रेलवे ने देशव्यापी अभियान शुरू किया है। 12 मई से चल रही स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस और एक जून से चालू होने जा रही 100 जोड़ी टाइम टेबल आधारित ट्रेनों के टिकटों की बुकिंग कर ब्लैक में बेचने वालों के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद यह अभियान शुरू किया गया है। ऑनलाइन बुक हो रहे इन ट्रेनों के टिकटों को लेने में गलत तरीके का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें मिलीं थी, जिसकी प्राथमिक जांच के दौरान बुधवार को उनके एक गिरोह का भंडाफोड़ कर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान उनसे मिली जानकारी से हैरान करने वाली है। 

पूछताछ में मिली हैरान करने वाली जानकारी पकड़े गये एक दलाल ने बताया कि उनके पास एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जिसे वे ‘सुपर तत्काल सिस्टम’ बोलते है। उनके इस सिस्टम में ऑनलाइन टिकटों के लिए भरी जाने वाली जानकारी ऑटोमेटिक तरीके से भर जाती है। इससे टिकटों की बुकिंग की गति बहुत तेज हो जाती है। टिकटों की बुकिंग में व्यक्तिगत आईडी का प्रयोग कर टिकटों को अधिक पैसे लेकर आम लोगों को अवैध तरीके से बेचा जाता है। इसके लिए यात्रियों को फर्जी आईडी भी बनाकर दिया जाता था। टिकट दलालों के खिलाफ यह अभियान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) चला रहा है। 

टिकट दलालों के खिलाफ शुरू किया देशव्यापी अभियान बुधवार को लांच हुए अभियान में आरपीएफ ने दलालों के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इसमें 14 दलालों को पकड़ा गया है, जिनमें आठ दलाल आइआरसीटीसी के नामित एजेंट भी शामिल हैं। उनके पास से 6.37 लाख रुपये की नगदी और रेलवे के आरक्षित टिकटों के प्रिंट बरामद किए गए। रेलवे के नामित इन एजेंटों को तत्काल ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अपने एक साक्षात्कार के दौरान लोगों को इस तरह के दलालों से बचने की सलाह दी थी।