महानगर में हॉटस्पॉट इलाके बढ़ते जा रहे हैं। इन इलाकों में एक हजार से अधिक रेलकर्मी रहते हैं। ऐसे में उनके लिए ड्यूटी पर जाना मुश्किल हो रहा है। अधिकारी उन पर कार्यालय आने के लिए दबाव बना रहे हैं। जबकि, रेलवे बोर्ड ने आदेश दे रखा है कि हॉटस्पॉट इलाकों में फंसे रेलकर्मी ‘वर्क टू होम’ व्यवस्था के तहत काम करें।

महानगर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अभी तक ओरछा गेट, नंदनपुरा, बिसातखाना, हेवट मार्केट तालपुरा, बल्लमपुर को हॉटस्पॉट घोषित किया जा चुका है। इन हॉटस्पॉट इलाकों के आसपास के मोहल्ले भी सील किए गए हैं।

इन इलाकों के लोग शहर के दूसरे हिस्सों में न जाएं और न ही यहां कोई बाहरी व्यक्ति आए, इसके लिए पुलिस ने जगह- जगह बल्लियों व अन्य साधनों से बैरिकेडिंग लगा रखी है। कई गलियों को तो लोगों ने खुद की बंद कर लिया है। इन सभी क्षेत्रों में एक हजार से अधिक रेलवे कर्मचारी रहते हैं, जो वैगन व कोच मरम्मत कारखाना, डीआरएम, एसी लोको शेड, डीजल लोको शेड व अन्य विभागों में काम करते हैं। ऐसे में उनका कार्यालय जाना मुश्किल हो रहा है।

रेलवे बोर्ड ने भी हॉटस्पॉट इलाकों के कर्मचारियों को वर्क टू होम काम करने के निर्देश दे रखे हैं। यह आदेश 19 अप्रैल को जारी किया गया था। मगर रेलवे के कई अधिकारी उक्त कर्मचारियों से कार्यालय आने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिससे वे परेशान हैं। उनको डर है कि कहीं उनको कार्यालय में अनुपस्थित न दिखा दिया जाए।

इस संबंध में पीआरओ मनोज कुुमार सिंह ने बताया कि कर्मचारी रेलवे बोर्ड के नियम अनुसार हॉटस्पॉट व सील क्षेत्र में रहने वाले कर्मचारी वर्क टू होम ही काम करेंगे। कर्मचारी वर्क टू होम के वक्त अपने मोबाइल ऑन रखें, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में उनसे संपर्क किया जा सके।