7th Pay Commission: महंगाई भत्ते पर झटके के बीच सरकारी कर्मचारियों को तोहफा, रिटायरमेंट की आयु बढ़ेगी

7th Pay Commission retirement benefits latest news: तमिलनाडु सरकार ने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए रिटायरमेंट की आयु को 58 साल से बढ़ाकर 59 वर्ष करने का फैसला लिया है। राज्य सरकार का यह फैसला 31 मई, 2020 से लागू होगा।

7th Pay Commission 7th cpc retirement benefits latest news 2020: कोरोना लॉकडाउन के चलते भले ही केंद्र सरकार से राज्यों तक में कर्मचारियों की सैलरी में कटौती से लेकर डीए में इजाफे पर रोक लगी हो, लेकिन इस बीच तमिलनाडु सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। तमिलनाडु सरकार ने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए रिटायरमेंट की आयु को 58 साल से बढ़ाकर 59 वर्ष करने का फैसला लिया है। राज्य सरकार का यह फैसला 31 मई, 2020 से लागू होगा। आदेश के मुताबिक यह फैसला राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों, अध्यापाकों और सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों पर लागू होगा।

राज्य सरकार ने जारी आदेश में कहा कि सूबे के सभी नियमित कर्मचारियों के अलावा सरकारी एवं सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों टीचर और नॉन-टीचिंग स्टाफ के तौर पर काम करने वाले लोगों पर यह फैसला लागू होगा। इसके अलावा सभी सरकारी कंपनियों, निगमों, स्वायत्त संस्थाओं, स्थानीय निकायों आदि पर लागू होगा। 31 मई के बाद रिटायर होने वाले किसी भी कर्मचारी को लेकर यह फैसला लागू होगा। इस फैसले के मुताबिक तमिलनाडु सरकार के सर्विस को लेकर बने मूलभूत नियमों के रूल 56 में भी संशोधन होगा।

केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु है 60 साल: हालांकि अब भी तमिलनाडु में केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु 60 साल ही है। 1998 से केंद्रीय कर्मचारियों की आयु 60 साल तय की गई है। फिलहाल रिटायरमेंट को लेकर सिर्फ उम्र ही सबसे बड़ा पैमाना है। बता दें कि कोरोना के संकट के चलते केंद्र सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों के जनवरी, 2020 से बढ़े हुए डीए के भुगतान पर रोक लगा दी है। इसके अलावा जुलाई 2021 तक किसी अन्य तरह के इजाफे पर भी रोक लगाई गई है।

केंद्र से लेकर तमिलनाडु तक डीए पर रोक: यही नहीं केंद्र सरकार के बाद यूपी, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु जैसे राज्यों ने भी डीए में इजाफे पर रोक लगाई है। यहां तक कि केरल सरकार ने तो मई से लेकर सितंबर महीने तक के दौरान हर महीने 6 दिन कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करने का फैसला लिया है। इस तरह कुल 5 महीनों में से कर्मचारियों की एक महीने की सैलरी काटी जाएगी। केरल सरकार के इस फैसले पर हाई कोर्ट की ओर से रोक भी लगा दी गई थी, लेकिन इसकी काट निकालते हुए सूबे की सरकार ने अध्यादेश पारित कर फैसले को लागू किया है।