7th Pay Commission DA loss calculation: केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 17 फीसदी डीए मिल रहा है। यदि बढ़े हुए डीए पर रोक न लगती तो यह 21 फीसदी होता और कम से कम इतना ही इजाफा यदि जुलाई 2020 और जनवरी 2021 में होता तो यह 29 फीसदी हो जाता।

कोरोना संकट से निपटने के लिए जरूरी फंड जुटाने के मकसद से केंद्र सरकार ने अपने करीब 1.4 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए में इजाफे पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही जून, 2021 तक वृद्धि को भी रोक दिया है। इसके चलते केंद्रीय कर्मचारियों को 18 महीने में करीब 12 फीसदी डीए का नुकसान होगा। आम बोलचाल की भाषा में महंगाई भत्ता कहलाने वाले डीए में साल में दो बार जनवरी और जुलाई में इजाफा होता है। इस बार सरकार ने मार्च में 4 फीसदी के इजाफे का ऐलान किया था। इसके बाद अप्रैल की सैलरी में जनवरी से मार्च तक के एरियर के साथ बढ़े हुए डीए के आने की उम्मीद थी। लेकिन ठीक पहले सरकार ने डीए में इजाफे के फैसले को रोक दिया। आइए जानते हैं, सरकार के इस फैसले से अगले डेढ़ साल में केंद्रीय कर्मचारियों को होगा कितना नुकसान…

केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 17 फीसदी डीए मिल रहा है। यदि बढ़े हुए डीए पर रोक न लगती तो यह 21 फीसदी होता और कम से कम इतना ही इजाफा यदि जुलाई 2020 और जनवरी 2021 में होता तो यह 29 फीसदी हो जाता। इस तरह से केंद्रीय कर्मचारियों को 12 फीसदी डीए का नुकसान हुआ है। अब इस नुकसान को यदि रकम में तब्दील करके देखें तो लेवल 1 पर 18,000 रुपये बेसिक सैलरी पर काम करने वाले कर्मचारी को फिलहाल 3,780 रुपये डीए के तौर पर मिल रहे होते, जो फिलहाल 3060 रुपये ही है।

इस तरह जनवरी, 2020 से जून, 2020 तक कर्मचारी को हर महीने 720 रुपये कम मिलेंगे, जो छह महीने में 4,320 रुपये होते हैं। अब जुलाई 2020 से दिसंबर 2020 की बात करें तो 25 की बजाय 17 फीसदी डीए ही मिलेगा। इस तरह 8 फीसदी का नुकसान होगा और उसे रकम में तब्दील करने पर 6 महीने में यह आंकड़ा 7,640 रुपये हो जाता है। यही नहीं जनवरी 2021 से जून 2021 के बीच यह नुकसान बढ़कर 12 फीसदी हो जाएगा। इसे रकम में कन्वर्ट करें तो डेढ़ साल में लेवल 1 के केंद्रीय कर्मचारियों को 11,960 रुपये डीए के तौर पर नुकसान उठाना पड़ेगा।

जानें, लेवल 10 पर होगा कितना लॉस: यदि लेवल 10 के कर्मचारियों का आंकड़ा निकालें तो उन्हें हर महीने 2,244 रुपये का नुकसान उठाना होगा, जो 6 महीने में 13464 रुपये होता है। अब इसे यदि डेढ़ साल के तौर पर देखें तो यह नुकसान तीन गुना होकर 40,398 रुपये हो जाएगा।