केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन में 20 फीसदी की कटौती करने की तैयारी कर रहा है. अब वित्त मंत्रालय ने इस खबर का खंडन किया है. मंत्रालय की ओर से इस बारे में सफाई दी गई है.

भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के कई देशों में कोरोनावायरस (Coronavirus) की वजह से अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी अपने संबोधन में इस बात का जिक्र कर चुके हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) आर्थिक मोर्चे पर जनता को राहत देने की हर संभव कोशिश कर रहा है. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक रिपोर्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन में 20 फीसदी की कटौती करने की तैयारी कर रहा है. अब वित्त मंत्रालय ने इस खबर का खंडन किया है. मंत्रालय की ओर से इस बारे में सफाई दी गई है.

वित्त मंत्रालय के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है, ‘इस बारे में रिपोर्ट की जा रही है कि केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन में 20 फीसदी की कटौती की जा रही है. ये गलत खबर है. पेंशन में कोई कटौती नहीं की जा रही है. साफ किया जा रहा है कि सरकार की तरफ से सैलरी और पेंशन प्रभावित नहीं होगी.’

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते 17 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कोविड-19 महामारी के चलते पैदा हुई परिस्थितियों पर आरबीआई नजर रखे हुए है. आरबीआई ने वित्तीय संस्थानों के लिए 50,000 करोड़ रुपये का पैकेज दिया. साथ ही रिवर्स रेपो रेट को 25 आधार अंक घटाया, ताकि बैंक निवेश बढ़ाएं. आरबीआई ने रिवर्स रेपो दर 4 फीसदी से घटाकर 3.75 फीसदी की. फिलहाल डिविडेंड पेआउट बैंक नहीं देंगे. रेपो रेट में बदलाव नहीं है.

शक्तिकांत दास ने कहा, ‘महामारी के प्रकोप के दौरान सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए बैंकों, वित्तीय संस्थानों ने विशेष तैयारी की हैं. भारत के लिए आईएमएफ का जीडीपी वृद्धि अनुमान 1.9 प्रतिशत है, जो जी-20 देशों में सबसे अधिक है.’ इसके अलावा RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के 2021-22 में वापसी करने के आसार है.