सातवाँ वेतन आयोग – इन सरकारी कर्मचारियों को मिली बड़ी सौगात, डीए में हुआ 10 फीसदी का इजाफा – राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत राज्य के रोडवेज कर्मचारियों के डियरेंस अलाउंस में 10 फीसदी की बंपर बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है. डियरेंस अलाउंस में हुई इस बंपर बढ़ोतरी के चलते कर्मचारियों की सैलरी में बंपर इजाफा होगा. इसके साथ ही मध्य प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के डियरेंस अलाउंस में होने वाली बढ़ोतरी पर रोक लगा दी है. जिसकी वजह से कर्मचारियों में निराशा है.

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत राज्य के रोडवेज कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है. सरकार के इस फैसले के बाद कर्मचारियों की सैलरी में बंपर इजाफा होगा. हालांकि जहां एक तरफ राजस्थान के रोडवेज कर्मचारियों में खुशी हैं वहीं मध्य प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनभोगी डीए में बढ़ोतरी नहीं होने के चलते निराश नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश सरकार ने फिलहाल डीए में बढ़ोतरी पर रोक लगा दी है.

बता दें कि लॉकडाउन 2 के ऐलान के साथ ही राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है. दरअसल गहलोत सरकार ने कर्मचारियों के डियरेंस अलाउंस में 10 फीसदी की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है. सरकार के इस फैसले के बाद राजस्थान रोडवेज के हजारों कर्मचारियों का फायदा हुआ है. अब रोडवेज कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 154 फीसदी से बढ़कर 164 फीसदी हो गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान रोडवेज के कर्मचारियों को छठे वेतनमान के तहत सैलरी मिल रही है. राज्य सरकार ने इस वेतनमान में आने वाले सभी कर्मचारियों के डियरेंस अलाउंस में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. यह बढ़ोतरी जुलाई 2019 से लागू है. इसमें 1 मार्च 2020 से डियरेंस अलाउंस की रकम कैश मिलेगी जबकि 8 महीने का डियरेंस अलाउंस एरियर के रूप में मिलेगा, जिसका आदेश बाद में सरकार की ओर से जारी किया जाएगा. राजस्थान रोडवेज के सीएमडी नवीन जैन के मुताबिक कोरोनावायरस के चलते हुए लॉकडाउन में कर्मचारियों के लिए यह एक अच्छी खबर है.

वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बात करें तो उन्हें डियरेंस अलाउंस में बढ़ोतरी का लाभ नहीं मिलेगा. क्योंकि राज्य सरकार ने कर्मचारियों और अधिकारियों को मार्च माह के वेतन के साथ महंगाई भत्ता दिए जाने के फैसले को निरस्त कर दिया है. वित्त विभाग के उप सचिव अजय चौबे ने आदेश जारी कर बताया है कि 1 जुलाई 2019 से कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रस्तावित महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला लागू हुआ था, जिसका मार्च 2020 के वेतन में भुगतान किया जाना था. लेकिन अब इस आदेश को निरस्त कर दिया गया है.