लॉकडाउन की अवधि बढ़ने की आशंकाओं के बीच प्रमुख रेलमार्गों पर लंबी दूरी की चुनिंदा मेल-एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जा सकती हैं। सरकार का मानना है कि दिल्ली सहित देश के बड़े शहरों में फंसे लाखों प्रवासी लोगों को उनके घर तक पहुंचाना जरूरी हो गया है। सभी डिविजन व जोनल मुख्यालय ने 15 अप्रैल से ट्रेन चलाने संबंधी एक्शन प्लान रेलवे बोर्ड को सौंप दिया है। बोर्ड केंद्र सरकार की हरी झंडी का इंतजार कर रहा है।








रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस पर गठित मंत्रियों के समूह ने मंगलवार को लॉकडाउन पर चर्चा की। अधिकांश मंत्रालय व राज्यों ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की मांग की है। ऐसे में देश के विभिन्न राज्यों में फंसे लाखों लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए चरणबद्ध तरीके से ट्रेन चलाने पर विचार-विमर्श किया गया है। सभी 68 डिविजन और 17 जोनल मुख्यालयों ने रेलवे बोर्ड को 15 अप्रैल से ट्रेन चलाने का एक्शन प्लान भेज दिया है।




रेलवे रोज एक हजार पीपीई बनाएगा

रेलवे ने हर रोज अपनी 17 कार्यशालाओं में अब लगभग एक हजार व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) बनाने का लक्ष्य तय किया है। रेलवे को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन से पीपीई को बनाने की मंजूरी मिली है। पीपीई रेलवे के अस्पतालों में कोरोना वायरस के इलाज में लगे रेलवे चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराएगा।




राजस्थान में विशेष पार्सल ट्रेन शुरू

लॉकडाउन के बीच जरूरी सामान लाने-ले जाने के लिए विशेष पार्सल ट्रेन मंगलवार को शुरू की गई। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य पीआरओ ने बताया कि इसका उद्देश्य आवश्यक सामग्री की ढुलाई करना है। ट्रेन 7-14 अप्रैल तक चलेगी। यह जयपुर से चल अलवर, हिसार, सिरसा,हनुमानगढ़, सूरतगढ़, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, पाली व अजमेर होती वापस आएगी।