देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के प्रति सतर्कता और ज़्यादा हो गई है। रेलवे ने अपने अस्पतालों और आइसोलेशन के लिए रेल कोचों का इंतज़ाम करने के बाद अब डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं। इस निर्देश के तहत रेलवे अस्पतालों के प्रमुखों को कहा गया है कि अस्थाई तौर पर ज़रूरत के मुताबिF अनुबंध पर चिकित्सकों की नियुक्ति कर लें। इसके लिए उन्हें तमाम तरह की लंबी–चौड़ी औपचारिकताएं पूरी करने की ि¢लहाल ज़रूरत नहीं है॥। भारतीय रेलवे के देश भर में १२८ बड़े अस्पताल और ५८६ प्राथमिक चिकित्सा केंद्र हैं।








इनमें रेलकÌमयों‚ उनके परिवारजनों‚ आश्रितों और पेंशनभोगियों को इलाज की सुविधा मिलती है। इनकी संख्या Fरीब ५० लाख से अधिक है। यहां आने वाले मरीज़ों के इलाज के लिए रेलवे में २२ सौ से अधिक चिकित्सक हैं। लेकिन इनके स्वीकृत पद २६ सौ के Fरीब है। समय समय पर इन अस्पतालों में जैसी ज़रूरत होती है‚ उस हिसाब से अनुबंध पर अस्थाई तौर पर चिकित्सकों की नियुक्ति की जाती है और जब उस पद पर स्थाई चिकित्सक नियुक्त हो जाते हैं तो अनुबंधित चिकित्सकों की सेवाएं नहीं ली जाती हैं।




यह सिलसिला चलता रहता है और तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कॉन्टैक्ट मेडिकल प्रैक्टिसनर्स ( सीएमपी) रखे जाते हैं॥। मौजूदा कोरोना संकट के मद्’ेनज़र देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने और ज़रूरत के मुताबिF चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने के लिए ख्Ãाास इंतज़ाम किए जा रहे हैं। इसको लेकर रेलवे भी सतर्क है और उसने अपने अस्पतालों व प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों को अनुकूल बनाया है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके। हाल ही में रेलवे ने केंद्रीय कर्मचारियों के इलाज के लिए भी अपने अस्पतालों के दरवाज़ा खोले हैं। ॥




इस दौरान रेल कोच में भी कोरोना आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। इन सभी जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जाहिर है कि अधिक चिकित्सकों की ज़रूरत पड़ेगी। लिहाज़ा रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन के प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को यह आदेश दिए हैं कि वे अपने यहां ज़रूरत के हिसाब से कॉन्टैक्ट मेडिकल प्रेक्टिशनर की नियुक्ति कर लें। इसके लिए निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करने की ज़रूरत नहीं है‚ क्योंकि इसमें अधिक समय लगेगा जबकि ज़रूरत तात्कालिक है। लेकिन यह ज़रूर है कि ये नियुक्ति केवल कोविड–१९ के दौरान अस्थायी रूप से कम अवधि के लिए होगी॥। रेलवे ने अपने अस्पतालों के प्रमुखों को जरूरत के मुताबिक नियुक्तियां करने के लिए कहा॥ द विनोद श्रीवास्तव॥ नई दिल्ली। एसएनबी॥