घातक कोरोना वायरस संकट और लॉकडाउन के बीच मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मियों को बड़ी राहत दी है। कर्मचारियों को सेल्फ अप्रैजल यानि कि वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) फाइल करने की अंतिम तारीख को 30 जून कर दिया है। एपीएआर के लिए पहले 15 अप्रैल की डेडलाइन तय की गई थी।











केंद्रीय सेवाओं के ग्रुप-ए अधिकारियों के संबंध में मूल्यांकन रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा भी बढ़ा दी गई है। पहले के कार्यक्रम के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों के रिक्त एपीएआर के वितरण की तारीख 31 मार्च थी, जिसे 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों द्वारा रिपोर्टिंग अधिकारी को प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (जहां लागू हो) सौंपने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है।




वहीं सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया गया है कि अपने संबंधित मंत्रालयों या विभागों में आवश्यक सेवाओं के लिए जरूरी स्टाफ का रोस्टर तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखें कि ऐसे कर्मचारी जो ‘विकलांगता वाले व्यक्ति’ (पीडब्लूडी) या दिव्यांगजन हैं उन्हें छूट मिले।

हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी चार फीसदी की बढ़ोत्तरी के गई है। वहीं इससे पहले संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्र ने 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों को सरकार ने क्वैरेंटाइन में जाने की अनुमति देते हुए 15 दिनों की छुट्टी की मंजूरी दी थी। इसके लिए उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं पेश करना होगा। अधिकांश अधिकारियों को घर से काम करना जारी रखने और टेलीफोन और संचार के इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर उपलब्ध रहने को कहा गया है। जब भी आवश्यकता पड़ती है तो उन्हें उपलब्ध रहने के लिए कहा जा सकता है।