कोरोना के चलते कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए ट्रेनों की बोगियां क्वारंटाइन और आइसोलेशन वार्ड के रूप में तैयार किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों के लिए कैबिन तैयार करने के लिए बीच के बर्थ को एक तरफ से हटाया गया है, मरीज़ के बर्थ के सामने के सभी 3 बर्थों को हटाया गया है। बर्थ पर चढ़ने के लिए लगाई गईं सभी सीढ़ियों को हटाया गया है।आइसोलेशन कोच तैयार करने के लिए बाथरूम, गलियारे और दूसरी जगहों पर भी फेरबदल किया गया है। कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए भारतीय रेलवे ने आइसोलेशन कोच तैयार किए हैं।








ट्रेनों को सेनेटाइज करने के बाद उसके एक-एक कोच को एक वार्ड के रूप में इस्तेमाल करने पर विचार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए इस तरह की तैयारियों में रेलवे की मदद ली जा रही है। इसके लिए सभी खाली रैक की स्थिति देखी जा रही है।


कोच बनाने वाले कारखानों को निर्देश

रायबरेली और चेन्नई में कोच बनाने वाले रेल कारखानों को निर्देशित किया गया है कि इस तरह के कोच बनाएं, जिन्हें आइसोलेशन वार्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। बाद में मरीजों की संख्या बढ़ने पर उन्हें ट्रेनों के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है।








गौरतलब है कि देश में कोरोना का तांडव जारी है। सरकार द्वारा देश में लॉकडाउन के बावजूद बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ संक्रमण के 75 नए मामले सामने आए हैं और कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 800 से ऊपर हो गई है तथा इससे चार मरीजों की मौत हुई हैं। कोरोना वायरस का प्रकोप देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में फैल चुका है।  कोरोना वायरस के संक्रमण से देश भर में अब तक 19 लोगों की मौत हुई है। केरल, महाराष्ट्र, कनार्टक, तेलंगाना, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अभी तक सबसे अधिक संक्रमण के मामले सामने आए हैं।