कोरोना वायरस (Coronavirus) के कहर के बीच राजस्थान (Rajasthan) में लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात मिली है. राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुये उनका महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) 4 प्रतिशत बढ़ा दिया है. लाभार्थियों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता का लाभ 1 जुलाई 2019 से प्रभावी मानकर दिया जाएगा.








न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार की इस घोषणा के बाद महंगाई भत्ता 12 प्रतिशत से बढ़कर 17 प्रतिशत हो गया है. इससे राज्य सरकार के करीब साढ़े सात लाख कर्मचारियों को फायदा होगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले महीने राज्य बजट के दौरान महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की थी.





बयान के अनुसार महंगाई वृद्धि की क्षतिपूर्ति के लिए मूल वेतन व् पेंशन की वर्तमान दर 12 प्रतिशत में 4 प्रतिशत की वृद्धि होगी. महंगाई भत्ता और महंगाई राहत के कारण सरकारी खजाने पर प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा.




हर सरकार अपने कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को महंगाई भत्‍ते/महंगाई राहत का भुगतान करती है, ताकि वे महंगाई बढ़ने के बावजूद अपने रहन-सहन की लागत को पूरा कर सकें और अपने मूल वेतन/पेंशन को संरक्षित कर सकें. 1 जनवरी और 1 जुलाई से एक वर्ष में दो बार महंगाई भत्‍ते/महंगाई राहत को संशोधित किया जाता है. केंद्र और राज्य कर्मचारियों को अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक द्वारा जारी आंकड़ों के तहत डीए में बढ़ोतरी का लाभ दिया जाता है.