रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को राज्यसभा को आश्वस्त किया कि रेलवे का निजीकरण नहीं किया जायेगा बल्कि इसे दुनिया का नम्बर एक रेल नेटवर्क बनाने के लिए अगले १२ वर्षों में इसमें ५० लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा और वर्ष २०२२ तक रेल नेटवर्क के जरिये कश्मीर और कन्याकुमारी को जोड़ दिया जायेगा। श्री गोयल ने रेल मंत्रालय के कामकाज पर उच्च सदन में चार घंटे से अधिक समय तक हुई चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को यह बात कही। ॥ श्री गोयल ने जोर देकर कहा कि रेलवे के निजीकरण का सरकार का कोई प्रस्ताव नहीं है और न ही निजीकरण किया जायेगा।








उन्होंने कहा कि यह जनता की रेल है और कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना कर इसे अत्याधुनिक बनाया जायेगा। रेल मंत्री ने साथ ही कहा कि रेलवे को दुनिया का नम्बर एक नेटवर्क बनाने के लिए अगले १२ वर्षों में ५० लाख करोड़ रुûपये का निवेश किया जायेगा। सरकार इतना निवेश अकेले नहीं कर सकती इसलिए इसमें निजी क्षेा का सहयोग लिया जायेगा। इस तरह यह निवेश पीपीपी मोड में किया जायेगा। ॥




उन्होंने कहा कि आजादी के ७५ वर्ष पूरे होने के मौके पर वर्ष २०२२ तक कन्याकुमारी को कश्मीर से जोड़कर रेल पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरो देगी। जम्मू कश्मीर के सेब को सबकी पसंद बताते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर का सेब कन्याकुमारी पहुंचे यह सरकार की प्रतिबद्धता है और इसे पूरा किया जायेगा। वर्ष २०२२ के लिए सरकार के एक और लIय की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि देश को एकता का संदेश देने वाली लौह पुरुûष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थली केवड़यिा को भी रेल नेटवर्क से जोड़ दिया जायेगा। यह सरदार पटेल के प्रति सरकार की श्रद्धांजलि होगी। श्री गोयल ने कहा कि रेलवे जल्द ही २० हजार मेगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने जा रही है जिसके साथ ही वह समूचे नेटवर्क को बिजली से चलाने वाला दुनिया का पहला नेटवर्क बन जायेगा।




ट्रेनों में स्वच्छता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ९९ प्रतिशत ट्रेनों में जैव शौचालय लगा दिये गये हैं और जल्द ही इसे शत प्रतिशत कर दिया जायेगा। ॥ श्री गोयल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में रेलवे पर जितना ध्यान दिया गया शायद ही रेलवे के इतिहास में पहले ऐसा किया गया होगा। ब्राड गेज की सभी लाइनों के मानवरहित क्रासिंग को समाप्त कर दिया गया है और इस वर्ष अब तक किसी भी हादसे में एक भी यााी की मृत्यु नहीं हुई है। अलग रेल बजट के सुझाव को अव्यवहारिक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह राजनीतिकघोषणा पा के अलावा कुछ नहीं होता और इसमें चुनाव को ध्यान में रखकर झूठे वादे किये जाते हैं॥। उन्होंने राज्य सरकारों का आह्वान किया कि वे परियोजनाओं को समय से पूरा करने में सहयोग दें और इसके रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को मिलकर दूर करें