राज्य सरकार के सप्ताह में 5 दिन के कामकाज के निर्णय पर अमल हुआ, तो सरकारी कर्मचारी साल में सिर्फ 161 दिन काम करेंगे, जबकि 365 दिन में 204 दिन छुट्टी पर रहेंगे। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर हुई है। इस याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। अब याचिकाकर्ता और सरकारी कर्मचारियों की नजर हाई कोर्ट पर टिकी हुई है।








याचिकाकर्ता महेश गाडेकर ने अपनी याचिका में कहा है कि सरकार ने लोकप्रियता पाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को लेकर यह निर्णय लिया है। इससे आम जनता को कुछ लाभ नहीं होने वाला है। गाडेकर की याचिका पर हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हो सकती है। उन्होंने कहा है कि सरकारी कर्मचारियों के मांग के अनुसार सप्ताह में पांच दिन के कामकाज को लेकर सरकार के पास प्रस्ताव विचाराधीन था।




गाडेकर ने कहा कि इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राजपत्रित अधिकारी महासंघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। इसमें मुख्यमंत्री ने कहा था कि हर दिन के कामकाज में 45 मिनट की बढ़ोतरी करके सप्ताह में 5 दिन कामकाज का फैसला लिया जा सकता है। इसके बाद मंत्रिमंडल की बैठक में सप्ताह में 5 दिन के कामकाज को मंजूरी दी गई। सरकार का यह फैसला शनिवार से लागू हो गया है।




अब शनिवार भी छुट्टी का दिन
सरकार के फैसले के अमल होने पर अब सरकारी दफ्तरों में छुट्टी दिन हो गया है। इससे सरकारी कर्मचारियों का साल में एकमुश्त लगभग 52 छुट्टियां बढ़ गई है। अब तक सरकारी कर्मचारियों को 52 रविवार की छुट्टी, त्योहारों की 20, कैजुअल लीव 20, पेड लीव 30, मेडिकल लीव 20, स्पेशल लीव 15 मिलते हैं।