देश की रेल पटरियों पर अब जल्द ही टाटा,अडानी  और हुंडई समेत कई निजी कंपनियों की ट्रेनें दौड़ेंगी। दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल बजट में पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए तेजस एक्सप्रेस जैसी और निजी ट्रेनों को चलाने की घोषणा की थी। सरकार देश भर में विभिन्न रूट (मार्ग) पर 150 निजी ट्रेन चलाना चाहती है। निजी ट्रेनों के लिए दो दर्जन से ज्यादा कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है।

इनमें टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर,अदानी पोर्ट्स एवं एसईजेड, हुंडई रोटेम कंपनी, एलस्टॉम ट्रांसपोर्ट, बॉम्बार्डियर, सिमेंस एजी, मैक्वेरी, हिताची इंडिया एवं साउथ एशिया और एस्सेल ग्रुप सहित दो दर्जन से अधिक कंपनियां शामिल हैं।








इस रूट पर है नजर

रेलवे ने देशभर में 150 निजी ट्रेन चलाने के लिए 100 रूट की सूची बनाई है। इसे 10-12 क्लस्टर में बांटा गया है। इसमें मुंबई से नई दिल्ली, चेन्नई से नई दिल्ली, नई दिल्ली से हावड़ा, शालीमार से पुणे, नई दिल्ली से पटना समेत कुछ ऐसे मार्ग हैं जहां से निजी ट्रेनें चलाने की योजना है।

रेलवे ने हाल ही में देश भर में 100 रूट पर ट्रेन चलाने के लिए निजी कंपनियों को शामिल करने के लिए एक बड़ी योजना प्रस्तावित की है। रेलवे के इस प्रस्ताव पर कई देसी और विदेशी निजी कंपनियों ने ट्रेन चलाने में दिलचस्पी दिखाई है।




16 से कम बोगी नहीं होगी

बजट दस्तावेज के मुताबिक, निजी ट्रेन 15 मिनट के अंतराल पर चलेंगी। प्रत्येक नई ट्रेन में कम से कम 16 कोच होंगे। कोचों की अधिकतम संख्या संबंधित मार्ग पर चलने वाली सबसे लंबी यात्री ट्रेन से अधिक नहीं होगी। इन ट्रेनों के अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटे होगी।

किराया कंपनी तय करेगी

किसी विशेष मार्ग पर किराया कितना इसे तय करने का अधिकार निजी संस्था होगा उसका निर्णय अंतिम होगा। इसके अलावा संबंधित कंपनियों के पास ही उन ट्रेनों पर वित्तीय अधिकार होने के साथ संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी होगी।

रेलवे ने खर्च बढ़ाया

इस साल बजट में नई रेलवे लाइनों के निर्माण के लिए 12,000 करोड़ रुपये और गेज परिवर्तन के लिए 2,250 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं दोहरीकरण के लिए 700 करोड़ रुपये और रोलिंग स्टॉक के लिए 5,786.97 करोड़ एवं सिग्नलऔर दूरसंचार के लिए 1,650 करोड़ रुपये दिए गए हैं।




आईआरसीटीसी भी दौड़ में 

निजी ट्रेन चलाने के लिए रेलवे की सहायक इकाई इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) भी दौड़ में है। मौजूदा समय में आईआरसीटीसी रेलवे की खानपान समेत कई चुनिंदा क्षेत्रों में सेवाएं देती हैं। पिछले महीने ही कंपनी ने आरंभिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये शेयर बाजार में प्रवेश किया है। कंपनी के शेयर 15 दिन से कम समय में 50 फीसदी से अधिक बढ़ चुके हैं।