केंद्रीय बजट 2020-21 (Budget 2020) में लाखों सरकारी कर्मचारियों के बहुप्रतीक्षित मांगे पूरी नहीं हो सकी है. हालांकि केंद्रीय कर्मचारियों ने अभी तक आस नहीं छोड़ी है. बताया जा रहा है कि एक बार अर्थव्यवस्था के हरे निशान पर पहुंचने पर मोदी सरकार जरुर कर्मचारियों की मांगों पर फैसला लेगी. ताजा रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार सातवें वेतन आयोग (7CPC) की सिफारिशों के अनुसार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में इजाफे की तैयारी में लगा हुआ है.








मीडिया रिपोर्ट्स के केंद्र सरकार लाखों कर्मचारियों के डीए (DA) में बढ़ोतरी पर गंभीरता से विचार कर रही है. भले ही आम बजट में इस के लिए किसी तरह का मौद्रिक आवंटन का ऐलान नहीं किया गया हो, लेकिन इसके बावजूद केंद्रीय कर्मचारियों की मांग को लेकर भविष्य में अहम निर्णय लेने की संभावना है.




एक हिंदी दैनिक के अनुसार, राजकोषीय नीति के रोलआउट के बाद विचाराधीन महंगाई भत्ता 17 फीसदी से बढ़ाकर 21 फीसदी की जा सकती है. माना जा रहा है कि अगर डियरेंस अलाउंस में सरकार चार फीसदी की बढ़ोतरी करती है तो कर्मचारियों को हर महीनें कम से कम दस हजार रुपए तक का फायदा मिलेगा.

उल्लेखनीय है कि बढ़ती मंहगाई से निपटने के लिए पिछले साल अक्टूबर महीनें में केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 12 प्रतिशत से बढाकर 17 प्रतिशत किया गया था. यह बढ़ा हुआ डीए 1 जुलाई 2019 से लागू हुआ. सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई यानि एक वर्ष में दो बार डीए में संशोधन करती है.