अगर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए में यह बढ़ोतरी कर दी जाती, तब उनके डीए की दर 17 प्रतिशत से बढ़कर 21 फीसदी हो जाती। और, मोटा-मोटी 1.1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारी व पेंशनभोगी लाभान्वित होते।








केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को नरेंद्र मोदी सरकार के इस बजट (2020) से निराशा ही हाथ लगी। पर फिर भी इन 1.1 करोड़ कर्मियों और पेंशनभोगियों ने DA में बढ़ोतरी की आस नहीं छोड़ी है।

उन्हें उम्मीद है कि केंद्र डंवाडोल अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने और बाजार में कथित मंदी के हाल सुधरने के बाद इस बाबत फैसला ले सकती है। सूत्रों ने बताया कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर है। और, भविष्य में उसके द्वारा इस संबंध में अहम निर्णय लेने की संभावना है।




दरअसल, Union Budget से पहले माना जा रहा था कि केंद्र इस बार इन कर्मियों और पेंशनभोगियों के Dearness Allowance में इजाफे का ऐलान करेगा। यह बढ़ोतरी चार फीसदी के आसपास मानी जा रही थी। लेकिन इससे जुड़ी कोई भी घोषणा नहीं हुई।




अगर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए में यह बढ़ोतरी कर दी जाती, तब उनके डीए की दर 17 प्रतिशत से बढ़कर 21 फीसदी हो जाती। और, मोटा-मोटी 1.1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारी व पेंशनभोगी लाभान्वित होते।