मोदी सरकार के बजट से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स निराशा हाथ लगी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को करीब पौने तीन घंटे तक बजट भाषण दिया लेकिन महंगाई भत्ते और न्यूनतम वेतन पर कोई घोषणा नहीं की। कर्मचारी और पेंशनर्स उम्मीद लगाए बैठे थे कि सरकार बजट में उनके लिए बड़े एलान कर सकती है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार कम से कम डीए में बढ़ोत्तरी का एलान करेगी। इससे पहले बीते वित्त वर्ष के लिए पेश किए गए बजट में भी सरकार ने कोई एलान नहीं किया था।








माना जा रहा है कि सरकार मार्च महीने में इसपर कोई फैसला ले सकती है। अगर सरकार डीए में 4 फीसदी की बढ़ोत्तरी करती है तो कुल डीए बढ़कर 21 फीसदी हो जाएगा। मौजूदा समय में कर्मचारियों को 17 फीसदी डीए दिया जा रहा है। डीए में इनती बढ़ोत्तरी से कर्मचारियों की सैलरी में 700 रुपये से 10 हजार रुपये तक बढ़ जाएगी। डीए में 4 फीसदी की बढ़ोत्तरी इसलिए भी की जा सकती है क्योंकि नवंबर 2019 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े आ चुके हैं। यह बढ़कर 328 अंक पर पहुंच गया है। वहीं कर्मचारी लंबे समय से न्यूनतम वेतन को 18 हजारे रुपये से बढ़ाकर 26 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं।