Union Budget 2020: मोदी सरकार आज अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश कर रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आज यानी 1 फरवरी 2020 को अपना दूसरा आम बजट पेश कर रही हैं। मोदी सरकार के इस आम बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि बीते कुछ समय से देश में आर्थिक सुस्ती जैसे हालात देखने को मिले हैं।








आर्थिक सूस्ती के बीच वर्ष 2020-21 के इस बजट को काफी अहम इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि विपक्ष पिछले कुछ समय से इन मुद्दों को लेकर हमलावर रहा है। बजट को लेकर ऐसी संभावना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इनकम टैक्स के साथ-साथ ग्रामीण इलाके और कृषि क्षेत्र के लिए कुछ अहम ऐलान कर सकती हैं। बता दें कि इससे पहले शुक्रवार यानी 31 जनवरी को केंद्र की मोदी सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 जारी किया। सर्वेक्षण 2019-20 में भारत के आर्थिक विकास दर का अनुमान 6 से 6.65 फीसदी लगाया गया।




नए या पुरानी टैक्स स्लैब में चुनने का विकल्प

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नई सरलीकृत आयकर व्यवस्था में पांच लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा। साथ ही ढाई लाख रुपये तक की आय कर मुक्त बनी रहेगी। ढाई लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच प्रतिशत की दर से आयकर लागू होगा, लेकिन छूट के बाद पांच लाख रुपये तक की आय पर कर नहीं लगेगा।

उन्होंने कहा कि नई आयकर व्यवस्था वैकल्पिक होगी, करदाताओं को पुरानी व्यवस्था या नई व्यवस्था में से चुनने का विकल्प होगा।

सरकार ने दिया इनकम टैक्स में विकल्प

मोदी सरकार ने टैक्स को लेकर विकल्प दिया है। सरकार के नए ऐलान के मुताबिक पुराने टैक्स स्लैब में छूट दी गई है, मगर नए स्लैब में रियायत नहीं दी गई है।

मोदी सरकार ने नए टैक्स स्लैब का ऐलान किया

मोदी सरकार ने नए टैक्स स्लैब का ऐलान किया

  • 5 लाख तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं
  • 5 लाख से 7.5 लाख तक की आमदनी पर 10 फीसदी टैक्स
  • 7.5 लाख से 10 लाख तक की आमदनी पर 15 फीसदी टैक्स
  • 10 लाख से 12.5 लाख तक की आमदनी पर 20 फीसदी टैक्स
  • 12.5 लाख से 15 लाख तक की आमदनी पर 25 फीसदी टैक्स
  • 15 लाख से अधिक की आमदनी पर 30 फीसदी टैक्स




टैक्स पेयर्स को बड़ी राहत

वित्त मंत्री का ऐलान- टैक्स पेयर्स को बड़ी राहत, 5 लाख तक नहीं देना होगा कोई टैक्स

एलआईसी में सरकारी हिस्सा बेचा जाएगा

वित्त मंत्री ने कहा कि आईपीओ के जरिया एलआईसी में सरकार अपना कुछ हिस्सा बेचेगी। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराया जाएगा। आईडीबीआई बैंक में अपनी बची हिस्सेदारी को निजी खुदरा निवेशकों को बेचेगी सरकार।