पणजी:- भाजपा विधायक के नेतृत्व वाले शिष्टमंडल को संबोधित करते हुए दिये गये रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के ‘पुर्तगाली-गोवावासी’ वाले बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. हालांकि जब विधायक एलिना सलदान्हा ने बयान पर आपत्ति जताई तो दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्ल्यूआर) के महाप्रबंधक अजय कुमार सिंह ने बयान वापस ले लिया. सिंह ने दक्षिण गोवा में सलदान्हा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल से रविवार को कहा, ‘‘भारत में ऐसे घर हैं जो 5000 साल पुराने हैं. करीब 500 साल पहले आने वाली हमलावर ताकतों में गोवावासी थे. जब आप सब आए, आपने भी यहां घरों को तोड़ा होगा. आपसे मेरा मतलब पुर्तगालियों से है.” प्रतिनिधिमंडल रेलवे लाइन के दोहरीकरण के मुद्दे पर अधिकारी से बात करने गया था.








कुछ स्थानीय समाचार चैनलों ने रविवार को सिंह के बयान प्रसारित किये और विधायक ने भी आपत्ति जताई जिसके बाद उन्होंने बयान वापस ले लिया. सलदान्हा ने कहा, ‘‘हम पुर्तगाली नहीं हैं, हम भारतीय हैं. इस बात में कोई संदेह नहीं है कि हम कई साल तक पुर्तगाली शासन में थे और हम आजाद हो गये.” कोर्टालिम के विधायक ने कहा कि वह गोवा विधानसभा में इस मुद्दे को उठाएंगे और रेल मंत्री के संज्ञान में भी लाएंगे.




गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश चोडनकर ने रेलवे अधिकारी के बयान की निंदा करते हुए सोमवार को कहा कि यह बयान उस नफरत को झलकाता है जो भाजपा ने दूसरे समुदायों के प्रति फैलाई है. उन्होंने कहा, ‘‘यह केंद्र सरकार की सोच को दर्शाता है और उस नफरत को झलकाता है जो सरकारी अधिकारियों पर भी छा रही है. आरएसएस की विचारधारा उनके दिमागों में घुस गयी है.”




आम आदमी पार्टी की गोवा इकाई के प्रवक्ता प्रदीप पड़गांवकर ने कहा कि अगर भाजपा नीत राज्य सरकार केंद्र सरकार के अफसरों पर लगाम नहीं लगा सकती और गोवावासियों का अपमान करने देती रहेगी तो समय आ गया है कि वह खुद को ही समाप्त कर ले. आप संयोजक एल्विस गोम्स ने सिंह को बर्खास्त किये जाने की मांग की. उन्होंने यह सवाल भी पूछा कि क्या गोवा में एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) का काम शुरू हो चुका है.

Source:- NDTV