रेलवे की सभी यूनियन एक हुई – अब सभी यूनियन मिलकर लड़ेंगी रेल कर्मियों की लड़ाई

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री और नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) के केंद्रीय अध्यक्ष शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि अब रेल कर्मचारियों की लड़ाई मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त यूनियन साथ मिलकर लड़ेंगी। इसके लिए सहमति बन चुकी है। एनसीआरएमयू के केंद्रीय कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में शिवगोपाल ने कहा कि रेलमंत्री ने यूनियन को आश्वासन दिया है कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा। उन्होंने एनसीआरएमयू के मंडल कार्यालय का उद्घाटन भी किया।








रेलवे का निजीकरण नहीं होगा

शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि पिछले दिनों रेलमंत्री पीयूष गोयल और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के साथ उनकी नई दिल्ली में बैठक हुई थी। जिसमें 1800 पे ग्रेड और 4600 पे ग्रेड पर काम करने वाले कई वर्ग के रेलकर्मियों का प्रमोशन न होने, आवासीय समस्या समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। रेलमंत्री ने आश्वासन दिया है कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा। देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस भी पूर्ण रूप से निजी हाथों में नहीं है।




शिवगोपाल ने कहा कि उन्हें रेल मंत्रालय को सुझाव दिया है कि अगर रेलवे को तेजस ट्रेन का संचालन मिले तो वह भी मुनाफा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी यूनियन मिलकर रेल कर्मियों के हक लड़ाई लड़ेंगी। इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है।




डीएस यादव को नया मंडल मंत्री चुना गया

एनसीआरएमयू के महामंत्री आरडी यादव ने कहा कि रेल कर्मचारियों का लगातार शोषण हो रहा है। उन्हें जो उपकरण दिए जा रहे हैं, उनकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है। शिकायत के बावजूद उसे बदला नहीं जा रहा है। इससे रेलकर्मी परेशान हैं। एनसीआरएमयू के मंडल कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर यूनियन के मंडल मंत्री का चुनाव भी किया गया। डीएस यादव को नया मंडल मंत्री चुना गया। वर्तमान मंडल मंत्री शीतला प्रसाद 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।