रेल कर्मचारी और उनके बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ और एनएफआईआर के अथक प्रयास से रेल कर्मचारियों के बच्चों को रेलवे में नौकरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है। मजदूर संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने बताया कि दो साल से अटकी हुई नियुक्तियों अब होगी। 27 अक्टूबर 2017 तक जिन संरक्षा में जिन रेल कर्मचारियों के बच्चों के मेडिकल हो गए थे, उनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी थी ।








पश्चिम मध्य रेलवे जोन के मुखिया जीएम एस के सिंह ने इस रोक को हटाकर, जबलपुर, कोटा और भोपाल मंडल में भर्ती करने संबंधित आदेश कर दिए हैं। तीनों मंडल के डीआरएम को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने कहा है।

नियुक्त के पात्र होंगे बच्चे




इस संबंध में 16 जनवरी का संघ के अध्यक्ष डॉ.आरपीएस भटनागर, महामंत्री अशोक शर्मा ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष व्हीके यादव के समक्ष यह मुद्दा उठाया था, जिसमें अध्यक्ष श्री यादव ने मजदूर संघ और एनएफआईआर को आश्वस्त किया था कि वे पश्चिम मध्य रेलवे जीएम को इस संबंध में आदेश देंगे। महामंत्री श्री शर्मा ने बताया कि जिन रेल कर्मचारियों के बच्चों के मेडिकल हो गए थे, वे सभी अब नियुक्ति के लिए पात्र होंगे।




पमरे जोन पर भी मजदूर संघ ने इस संबंध में अपनी आवाज बुलंद रखी। जोन प्रशासन के साथ बैठक और चर्चा के दौरान इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया और आज संघ की मेहनत रंग लाई है। इस संबंध में आदेश जारी होते ही जोन के सैकड़ों रेल कर्मचारी और उनके बच्चों के चेहरे पर फिर खुशी दौड़ गई है।

Source:- NaiDunia