केंद्रीय कर्मी न्यूनतम सैलरी में बढ़ोत्तरी का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। पिछली दीवाली और न्यू ईयर से पहले कर्मचारी ये उम्मीद लगाए बैठे थे कि केंद्र सरकार इसपर फैसला ले सकती है लेकिन कर्मियों को निराशा ही हाथ लगी। नए साल पर कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही कुछ बड़े एलान कर सकती है। खबरों की मानें तो बजट 2020 से पहले कर्मचारियों के महंगाई भत्‍ते में 4 फीसदी तक के इजाफे को मंजूरी मिल सकती है।








ऐसा इसलिए क्योंकि नवंबर 2019 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े आ चुके हैं। यह बढ़कर 328 अंक पर पहुंच गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि डीए में सरकार 4 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी कर सकती है। मालूम हो कि कर्मचारियों के डीए में साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) बढ़ोतरी की जाती है। हालांकि यह कितना दिया जाए सरकार यह बढ़ी हुई महंगाई के आधार पर तय करती है।




कर्मचारी न्यूनतम सैलरी में बढ़ोतरी के अलावा फिटमेंट फैक्टर में भी इजाफा चाहते हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि केंद्र सरकार फिटमेंट फैक्टर बढ़ाए। अगर सरकार इस पर मुहर लगाती है तो सैलरी में 8000 रुपए तक की बढ़ोतरी होगी।

मालूम हो कर्मचारी न्यूनतम वेतन में भी बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों की मांग है कि उनके न्यूनतम वेतन को 18,000 से 26,000 रुपए किया जाए। इससे पहले बीते साल 9 अक्टूबर को डीएम में बढ़ोत्तरी का एलान किया गया था।




कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मचारियों के 5 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद सरकारी कर्मचारियों की महंगाई भत्ता 12 फीसदी से बढ़कर 17 फीसदी हो गया।