हाइलाइट्स

  • भारतीय रेलवे आधुनिकीकरण करने की दिशा में अगले पांच साल के भीतर वेटिंग लिस्ट ही खत्म करने जा रहा है
  • यह जानकारी रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने बलिया में मीडिया से मुलाकात के दौरान दी
  • रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने यह भी जानकारी दी कि रेलवे के कर्मचारियों की छंटनी भी नहीं होने वाली है








भारतीय रेलवे अपने को आधुनिकीकरण करने की दिशा में काम करने के साथ पांच साल के भीतर वेटिंग लिस्ट ही खत्म करने जा रहा है। यह खुशखबरी बनारस से छपरा तक रेलवे स्टेशनों के निरीक्षण पर निकले रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने बलिया में मीडिया से मुलाकात के दौरान दी।

इस खुशखबरी के साथ रेलवे से कर्मचारियों के छंटनी की चल रही खबरों को खारिज करते हुए उन्‍होंने कहा कि रेलवे के किसी भी कर्मचारी को बगैर हटाए आधुनिकीकरण के लिए प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। प्राइवेट सेक्टर रेलवे के आधुनिकीकरण में निवेश करेगा, इसकी भी सरकार से हरी झंडी मिल चुकी है। प्राइवेट ट्रेन ऑपरेटर के लिए टेंडर करने के सरकार से मंजूरी मिल गई।




‘नहीं होगी कर्मचारियों की कटौती’
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने शनिवार को कहा कि रेल कर्मचारियों की कमी नहीं की जाएगी। रेलवे को तकनीकी व्यवस्था से और सुदृढ करने की बड़ी योजना बनी है। तकनीकी मजबूती के बाद रेल मार्गों के आधुनिकीकरण के साथ ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ यात्रा समय में भी सुधार किया जाएगा। रेलवे में आरक्षित सीट के यात्रियों की संख्या फिर लंबी वेटिंग लिस्ट को देखकर रेलवे की पहली प्राथमिकता वेटिंग लिस्ट खत्म करना है। उन्‍होंने कहा, ‘रेल सफर के आरक्षण के लिए यात्री के सामने ट्रेन की संख्या बढ़ाने के साथ यात्रियों की भीड़ देखकर विशेष ट्रेन भी चलायी जाएगी ताकि वेटिंग लिस्ट ही खत्म हो जाए। इस दिशा में काम प्रारंभ हो गया है। पांच साल में पक्का विश्वास है वेटिंग लिस्ट खत्म करने से यात्रियों की यह बड़ी समस्या भी खत्म हो जाएगी।’




दिसंबर 2021 तक पूरा होगा स्‍टेट कॉरिडोर
एक सवाल के जवाब में रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि दिल्ली से कोलकाता और दिल्ली से मुम्बई सेक्टर पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक है। जिस पर 500 किलोमीटर तक ठीक करने का काम किया गया है। इस रूट पर 3000 किलोमीटर का स्टेट कॉरिडोर दिसम्बर 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। तेरह हजार करोड़ रुपए की लागत है।