रेलवे में एकीकरण के बहाने 30 फीसद मैन पावर कम करने की तैयारी

रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन समेत रेलवे जोन और मंडल के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित हुई रेलवे परिवर्तन संगोष्ठी में मान्यता प्राप्त फेडरेशन को नहीं शामिल किया गया। इसके विरोध में नेशनल फेडरेशन ऑफ  इंडियन रेलवेमेन ने रेलवे बोर्ड के साथ होने वाली च्वाइंट काउंसिल की बैठक का बहिष्कार कर दिया। अब परिवर्तन संगोष्ठी के विरोध में रेल बचाओ संगोष्ठी का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है।








फेडरेशन के जोनल सचिव प्रेम शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि परिवर्तन संगोष्ठी और रेलवे के एकीकरण के बहाने चरणबद्ध तरीके से 30 फीसद कर्मचारियों को हटाने की योजना बनाई जा रही है। 10 प्रतिशत कर्मचारियों को तत्काल हटाया जाएगा। शेष 20 फीसद कर्मचारी धीरे-धीरे हटेंगे। यही वजह है कि संगोष्ठी में मान्यता प्राप्त फेडरेशन को नहीं बुलाया गया।








 उन्होंने बताया कि इसके विरोध में भारतीय रेल के अलग-अलग जगहों पर आठ से 10 जनवरी के बीच रेल बचाओ संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। मौके पर एनके सिन्हा, मनोज श्रीवास्तव बीके सिंह समेत अन्य शामिल थे।