रेल मंत्री ने कहा है कि नई व्यवस्था में पद अधिकारी के कैडर के अनुसार तय नहीं किए जाएंगे

मोदी सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनट की बैठक में रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन को मंजूरी दी थी। फैसला लिया गया है कि रेलवे बोर्ड का गठन विभागीय तर्ज पर नहीं होगा इसकी जगह छोटे आकार का बोर्ड होगा। वहीं रेलवे बोर्ड में 8 की जगह पांच सदस्य होंगे। वहीं अलग-अलग कैडर को मिलाकर एक कैडर गठित किया जाएगा।








इस फैसले के बाद कर्मचारियों के बीच कई मुद्दों पर भ्रम की स्थिति बन गई। कर्मचारियों के इस भ्रम को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार (26 दिसंबर) को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कर्मचारियों के प्रमोशन और सीनियरिटी पर जारी भ्रम को लेकर घोषणा की कि नई व्यवस्था में पद अधिकारी के कैडर के अनुसार तय नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय 8400 अफसरों के प्रमोशन और सीनियरिटी पर आंच नहीं आने देगा। बता दें कि सरकार ने रेलवे के विभिन्न संवर्गों का विलय एकल रेलवे प्रबंधन प्रणाली में करने को भी स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि कैडरों का विलय का अधिकारियों की वरिष्ठता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।




गोयल ने ट्वीट किया ‘हमारे पास एक वैकल्पिक तंत्र होगा तो यह सुनिश्चित करेगा कि सभी 8,400 अधिकारियों की पदोन्नति और वरीयता सुरक्षित रहे। पद अधिकारी के कैडर के अनुसार तय नहीं किए जाएंगे। अधिकारियों के पास रेल बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए योग्यता एवं वरीयता के आधार पर समान अवसर होगा।’




उन्होंने कहा ‘इस मसले पर सचिव और मंत्रियों का समूह लगातार काम कर रहा है। कई अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की थी कि यांत्रिक और बिजली विभागों में सेवाओं का एकीकरण समान रूप से करियर की प्रगति के अलावा कई मुद्दों पर असर डालेगा।’ बता दें कि रेल मंत्रालय रेलवे में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की दिशा में काम कर रही है। हालांकि  रेलवे के विभिन्न संवर्गों में सीनियरिटी और प्रमोशन को कैलकुलेट करने के अपने-अपने नियम हैं जो कि नई व्यवस्था में लागू नहीं होंगे।

Source:- Jansatta