मंत्री के बयान के बाद एयर इंडिया में भगदड़, कर्मचारी दे रहे नौकरी से इस्तीफा

नई दिल्ली, एजेंसियां : उड्डयन राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी के बयान के बाद सरकारी क्षेत्र की एयरलाइंस एयर इंडिया में भगदड़ मच गई है। पायलटों के सामूहिक रूप से पद छोड़ने की पेशकश के बाद इंजीनियरों ने भी धड़ाधड़ इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। पुरी ने कहा था कि अगले साल 31 मार्च तक एयर इंडिया को बेचा नहीं गया तो उसे बंद करना पड़ेगा।








सूत्रों के मुताबिक 65 पायलटों ने इस्तीफा दे दिया है। साथ ही 800 पायलटों के संगठन इंडियन कॉमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आइसीपीए) ने पुरी को पत्र लिखकर कहा है कि एयरलाइंस के भविष्य पर असमंजस को देखते हुए उसके सदस्य अब काम करने की स्थिति में नहीं हैं।




संगठन ने पुरी को लिखे पत्र में सख्त लहजे में कहा है कि उसके सदस्यों के साथ बंधुआ मजदूरों जैसा बर्ताव नहीं किया जाए। नोटिस पीरियड के बिना ही उन्हें कार्य मुक्त किया जाए और उनके सारे बकाये का तत्काल भुगतान किया जाए। एयर इंडिया में नोटिस पीरियड छह महीने का है।

एयर इंडिया पर इस समय लगभग 58000 करोड़ रुपये का कर्ज है। पायलटों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि उनका धैर्य जवाब दे रहा है। वो बंद हो चुकी 21 निजी एयरलाइंस के पायलटों की तरह खुद को बरबाद नहीं होने देना चाहते। बकाये के चलते पहले से ही उन्हें तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वो लोन नहीं चुका पा रहे हैं और रोजमर्रा के खर्च पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है।




पायलटों के बाद एयरक्रॉफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियर (एएमई) के सदस्यों ने भी एयर इंडिया से इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। इनमें स्थाई और अस्थाई इंजीनियर दोनों शामिल हैं। ट्रेनिंग के बाद बांड के मुताबिक तय समय तक इन्होंने ड्यूटी भी पूरी नहीं की है।

इंजीनियरों के इस्तीफा देने की जानकारी एयर इंडिया के आदेश से मिली है। एएनआइ को इस आदेश की कॉपी मिली है, जिसमें कहा गया है कि बांड के मुताबिक निर्धारित अवधि से पहले इस्तीफा देने वाले इंजीनियरों से उनकी ट्रेनिंग पर हुए खर्च की वसूली की जाए। अगर वो पैसे वापस नहीं करते हैं तो उनके आखिरी हिसाब से उक्त रकम काट ली जाए। हालांकि, एयरलाइंस ने यह नहीं बताया है कि कितने इंजीनियरों ने इस्तीफा दिया है।

’ पायलटों ने बकाये का भुगतान कर तत्काल कार्यमुक्त करने को कहा

’ एयरक्रॉफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियर भी धड़ाधड़ दे रहे हैं इस्तीफा