सौ बोगी वाली लांग हॉल मालगाड़ी को तेजस की तर्ज पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाने की तैयारी है। भारतीय रेल ने मेक इन इंडिया आधुनिक इंजन डब्ल्यूएजी 12 तैयार किया है। इसकी क्षमता 12 हजार हार्स पावर है। यह इलेक्ट्रिक इंजन सौ बोगी वाली मालगाड़ी को 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ा सकता है। इस इंजन को रखने के लिए सहारनपुर में शेड बनाया है। ट्रायल व परीक्षण करने का काम मुरादाबाद रेल मंडल को सौंपा गया है।








सफलतापूर्वक दौड़ रहीं आधुनिक ट्रेनें 

मेक इन इंडिया के तहत भारतीय रेल हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत, तेजस जैसी ट्रेन व कोच का निर्माण कर चुका है। दोनों को सफलता पूर्वक चलाया जा रहा है। देश में अभी तक छह हजार हार्स पावर के डब्ल्यूएजी 6 इंजन की क्षमता सौ बोगी को लेकर चलने की है। रेल कारखाना मधेपुरा ने 12 हजार हॉर्स पावर की क्षमता का डब्ल्यूएजी 12 तैयार किया है। यह इलेक्ट्रिक इंजन 160 किमी की रफ्तार से सौ बोगी को लेकर दौड़ा सकता है।




इस इंजन का अंतिम ट्रायल रिसर्च डिजाइन एंड स्टेंडर्ड आर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) किया जाना है। ट्रायल में सफल होने के बाद वित्तीय वर्ष 2020-2021 तक 120 इंजन बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  इस इंजन से लौह अयस्क, खाद्यान्न, कोयला आदि को कम समय में देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाया जा सकता है। इस इंजन से लम्बी ट्रेनों को भी तेजस से अधिक गति पर चलाया जा सकता है।




ट्रायल के लिए सौंपी गई जिम्मेदारी 

प्रवर मंडल विद्युत अभियंता (टीआरडी) जितेंद्र कुमार ने बताया कि डब्ल्यूएजी 12 तैयार है। इसे ट्रायल करने व आरडीएसओ तक पहुंचने का कार्य मुरादाबाद रेल मंडल प्रशासन को सौंपा गया है। रेल मंडल में इंजन का ट्रायल कराया जाना है।