भारतीय रेलवें (Indian Railways) में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को लागू किए जाने से बड़ी राहत मिली. इसके लागू होने के बाद से भारतीय रेलवे के कर्मचारियों का वेतन 14 प्रतिशत से बढ़कर 26 प्रतिशत हो गया. परिणामस्वरूप बढती मंहगाई के बीच परिवार समेत जीवन-यापन करना आसान हुआ.








केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में संसद में बताया था कि सातवें सीपीसी वेतनमान को अपनाने के बाद से भारतीय रेलवे के निचले ग्रेड के कर्मचारियों का मासिक वेतन 14 प्रतिशत बढ़ा, जबकि ऊपरी श्रेणी के रेल कर्मचारियों के लिए सरकारी खर्च में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

गोयल ने बताया सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद भारतीय रेलवे के परिचालन व्यय में 22,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. जबकि छठे वेतन आयोग के कार्यान्वयन के बाद भारतीय रेलवे का परिचालन लागत 15 प्रतिशत तक बढ़ा था.




हाल ही में रेलवे में काम करने वाले नॉन-गैजेटेड मेडिकल स्टाफ को प्रमोशन के चलते तगड़ा इंक्रीमेंट मिलने की बात सामने आई. हालांकि यह प्रस्ताव रेलवे की ओर से मंजूर होने के बाद सरकार के पास अंतिम फैसले के लिए लंबित है. उधर, छठा वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्‍ता (DA) दस फीसदी बढाकर 164 प्रतिशत कर दिया गया.




गौरतलब हो कि हर साल रेलवे के कर्मचारियों को फेस्टिव सीजन पर सरकार बोनस देती है. इसी के तहत सितंबर महीने में दिवाली (Diwali) से पहले रेलवे कर्मचारियों (Railway Employees) को उत्पादकता बोनस (Bonus) के तौर पर 78 दिन का वेतन दिया गया था. इसका फायदा 11 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मिला.