ठंड के मौसम में कोहरे की वजह से ट्रेन का लेट होना साधारण बात हो गई है। कई बार तो ट्रेन इतनी लेट हो जाती है कि इसे कैंसिल कर दिया जाता है। इन परिस्थितियों में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल पूरी तरह तैयार हैं और इसे दूर करने के लिए अभी से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।









लोकसभा में लिखित जवाब में पीयूष गोयल ने रेलवे द्वारा उठाए गए जरूरी उपायों के बारे में बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ट्रेन निश्चित समय से ज्यादा लेट होगी तो यात्रियों को पहले ही मैसेज के जरिए इसकी सूचना दे दी जाएगी, ताकि उन्हें ठंड में स्टेशन पर वक्त नहीं गुजारना पड़े। ट्रेन के समुचित संचालन के लिए रेलवे ने कई ठोस कदम उठाया है।

1. अगर ट्रेन निश्चित समय से ज्यादा लेट होती है तो यात्रियों को पहले ही मैसेज के जरिए इसकी दी जाएगी।

2. ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम: उत्तरी रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे ने सिग्नल सिस्टम को मजबूत किया है। इसकी मदद से कोहरे के मौसम में दो स्टेशन के बीच चलने वाली ट्रेनों की संख्या कम की जाती है ताकि दुर्घटना और ट्रैफिक की संभावना कम बने।




3. सिग्नल बोर्ड को चमकीले रंगों में रंगा गया है, ताकि विजिबिलिटी कम होने के बावजूद यह दिखाई दे, जिससे संचालन में मदद मिलेगी। इसके अलावा कोहरे के मौसम में इंस्पेक्शन बढ़ाई जाएगी। इससे मेंटेनेंस स्टॉफ अलर्ट रहेंगे और काम का संचालन बेहतर तरीके से होगा।

4. इसके अलावा ट्रेन के ड्राइवर को फॉग पास डिवाइस दी जाएगी। यह GPS की तरह काम करती है। इस डिवाइस की मदद से ड्राइवर को लोकेशन को लेकर विस्तृत जानकारी मिलती रहती है।




5. फॉग पास डिवाइस में स्टेशन, सिग्नल, वॉर्निंग बोर्ड्स, लेवल क्रॉसिंग और रूट के बारे में विस्तृत जानकारी होती है, जिससे ड्राइवर को रास्ते के बारे में ज्यादा जानकारी मिलती है और ट्रेन का संचालन आसान होता है। भारतीय रेलवे को अब तक 12,205 पास डिवाइस दी जा चुकी है।