भारतीय रेलवे बोर्ड ने री-इंगेज कर रिटायरमेंट के बाद फिर से नौकरी पर आए कर्मचारियों को झटका दिया है। रेल मंत्रलय ने 30 नवंबर 2019 को इनकी सेवाएं समाप्त करने के लिखित आदेश दिए हैं। अंबाला मंडल ने 18 नवंबर को आदेश जारी कर इस संबंध में कर्मचारियों को अवगत करा दिया है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि इनकी एक्सटेंशन 65 वर्ष तक कर दी गई है,








अब 60 वर्ष के बाद किसी भी रिटायर्ड कर्मचारी की नियुक्ति दोबारा नहीं हो पाएगी। रेलवे ने री-इंगेजमेंट ऑफ रिटायर्ड इंप्लाइज के तहत हजारों कर्मचारियों को भर्ती कर किया था। इससे अन्य कर्मचारियों पर पड़ने वाला वर्कलोड कम हुआ था। रेलवे को लगता है कि अब इनकी ज्यादा जरूरत नहीं है।




यह थी योजना : रेल मंत्रलय ने सेवानिवृत कर्मियों की वापसी के लिए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) की शक्तियों में इजाफा कर देशभर के सेवानिवृत कर्मियों को एक बड़ा तोहफा दिया था। इसके तहत नियम बना था कि रेलवे में जिस ड्यूटी या ब्रांच से कर्मी सेवानिवृत होंगे उन्हें उसी पोस्ट पर फिर लगा दिया जाएगा। हालांकि इस पॉलिसी में एक दिसंबर 2019 तक लागू रहने का जिक्र किया गया था। इससे पहले रेलवे में सभी जोन के महाप्रबंधक 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत होने पर कर्मी को 62 साल तक फिर से नौकरी प्रदान कर सकते थे। इसमें आयु सीमा को बढ़ाकर 65 साल कर दिया गया था।





रेलवे में 13 लाख कर्मी, 2020 तक 10 लाख करना है

रेलवे अपने कर्मचारियों की संख्या को कम करना चाहता है। इस समय रेलवे में करीब 13 लाख कर्मी काम कर रहे हैं। ऐसे में लक्ष्य 2020 तक दस लाख तक करना है। रेल मंत्रलय की ओर से जोनल ऑफिस से उन कर्मचारियों की लिस्ट मांगी गई है, जिनकी 2020 की पहली तिमाही तक उम्र 55 साल हो गई हो या जिन्होंने 30 साल की सेवा पूरी कर ली हो। इस श्रेणी में सेवा में बने रहने के लिए अयोग्य पाए जाने वाले कर्मचारियों को समय से पहले सेवानिवृत्ति की पेशकश की जाएगी।