भारतीय रेलवे ने रेलवे बोर्ड की संरचना में सुधार किया है। रेलवे ने बोर्ड के 50 निदेशकों और उच्च स्तरीय अधिकारियों का विविध मंडलों में तबादला करने का आदेश दिया है। इसमें 25 फीसदी की कटौती की गई है। पहले रेलवे बोर्ड में 250 अधिकारी थे, लेकिन अब बोर्ड में 150 अधिकारी रह गए हैं। इस तरह का कदम कई दशकों बाद लिया गया है। तबादले का यह आदेश सोमवार को जारी किया गया था।








अक्तूबर में तैयार की थी योजना

इस संदर्भ में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘तबादले का यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के के दृष्टिकोण का ही हिस्सा है। अक्तूबर माह में रेल मंत्रालय ने योजना तौयार की थी, जिसके तहत विभिन्न जोन की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए रेलवे बोर्ड में तैनात अधिकारियों में कमी की जानी थी। लंबे समय से माना जा रहा था कि रेलवे बोर्ड में काम करने वालों की तदाद अधिक है। साल 2000 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपाई सरकार के वक्त में पहली बार यह प्लान बनाया गया था।




स्थानांतरित अधिकारी रेलवे कैडर में से 10 अधिकारी आईआरएसई और 10 अधिकारी आईआरटीएस में थे, सात अधिकारी आईआरएएस, छह अधिकारी आईआरएसएमई में, पांच आईआरएसईई, पांच आईआरएसएसई, तीन आईआरएसएस, तीन आईआरपीएस और एक अधिकारी आरपीएफ में था।




डायरेक्टर श्रेणी वाले अधिकारी व एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अधिकारी एक ही काम करते है। ऐसे में विभिन्न जोन में कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया गया है। अक्तूबर में रेलवे सूत्रों ने कहा था कि जल्द ही यह निर्णय ले लिया जाएगा क्योंकि रेलवे के सौ दिनों के एजेंडे में यह योजना शामिल है।

रेलवे बोर्ड की रिस्ट्रक्चरिंग के लिए बिबेक देब्रॉय कमेटी ने भी सिफारिश की थी। रेलवे बोर्ड में जरूरत से ज्यादा अधिकारी कार्यरत थे।