निजी कंपनी एक्मे इंडिया ने रेलगाड़ियों को तेज गति से चलाने में सहायक हल्के और आधुनिक रेल डिब्बे बनाने की तकनीक विकसित करने का दावा किया है। यह भी कहा है कि हल्के डिब्बों के कारण ईंधन की खपत कम होने से ट्रेन की कार्यकुशलता भी बढ़ जाएगी।

दावे के मुताबिक इस तकनीक के इस्तेमाल से रेलवे लक्ष्य के अनुसार रेल गाड़ियों को 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चला सकेगा। एक्मे इंडिया के निदेशक सूरज पांडे ने कहा- हमने रेल गाड़ियों में उपयोग के लिए ऐसा ‘वॉल पैनल’ बनाया है जिससे डिब्बों का वजन करीब 600 किलोग्राम तक कम हो जाएगा।








एक रेल डिब्बे का वजन करीब 4 टन (4000 किलोग्राम) होता है व कंपनी के ‘वाल पैनल’ के उपयोग से इसमें 600 किलोग्राम तक की कमी आ सकती है। कंपनी डिब्बों के फ्लोर और छतों को भी हल्का बनाकर वजन में 2000 किलोग्राम तक की कमी लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

मंत्री ने की सराहना: कंपनी ने हाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रेल उपकरण प्रदर्शनी (22-24 अक्तूबर) में अपनी नई तकनीक से तैयार उत्पादों को पेश किया। इस दौरान रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी ने कंपनी के उत्पादों की सराहना की और अधिकारियों से इन तकनीक को रेलवे में उपयोग करने को कहा। उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में एक्मे इंडिया समेत 500 से अधिक कंपनियां शामिल हुईं।




आग से नुकसान नहीं कंपनी ने रेल गाड़ियों को आग की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए आग प्रतिरोधक तकनीक भी विकसित की है। कंपनी ने ‘फायर रेजिसटेंस कोटिंग’ बनाई है जो 1700 डिग्री तापमान में भी किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने देगा।




आधुनिक शौचालय भी बनाया कंपनी ने बेहतर साफ-सफाई के लिए आधुनिक शौचालय भी बनाया है। ये शौचालय पानी रुकने और गंदगी की समस्या से निजात दिलाएंगे। इस शौचालय की लागत करीब 4.5 लाख है जबकि अभी उपयोग में लाये जा रहे शौचालय की लागत छह लाख बैठती है।