पीयूष गोयल का रेलवे के निजीकरण से इनकार, कहा- बस बड़े निवेश की जरूरत स्टॉकहोम में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक बार फिर भारतीय रेलवे के निजीकरण से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार की इकाई बनी रहेगी.

  • रेलवे के निजीकरण से रेल मंत्री पीयूष गोयल का इनकार
  • कहा- रेलवे में निवेश पर विश्वास, निजीकरण पर नहीं








स्टॉकहोम में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मैंने भारतीय रेलवे के निजीकरण से इनकार किया है. यह भारत सरकार की इकाई बनी रहेगी. यह भारत के लोगों की सेवा करती रहेगी, लेकिन मैं रेलवे में बड़े निवेश पर विश्वास करता हूं.

पीयूष गोयल लगातार रेलवे के निजीकरण की खबरों से इनकार करते आए हैं. इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि सरकार रेलवे का निजीकरण करने नहीं जा रही है.

पीयूष गोयल ने कहा था कि हमारा लक्ष्य रेलवे में बड़ी मात्रा में निवेश करना है, इसके लिए हम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर विचार कर रहे हैं. साथ ही हम विश्व की आधुनिकतम तकनीक को रेलवे से जोड़ेंगे.




हाल ही में ऐसे खबरें आई थीं कि रेल मंत्रालय ने 50 रेलवे स्टेशनों और 150 ट्रेनों के निजीकरण के लिए एक कमेटी बनाई है. निजीकरण को लेकर नीति आयोग ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को एक खत भी लिखा. इस खत में 400 रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तर का बनाए जाने को लेकर जिक्र है.




क्या है मामला?

ऐसे खबरें सामने आई थीं जिनमें कहा गया था कि रेल मंत्रालय ने 50 रेलवे स्टेशनों और 150 ट्रेनों के निजीकरण के लिए एक कमेटी बनाई है. इस कमेटी में नीति आयोग के सीईओ, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन , डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स के सेक्रेटरी, मिनिस्ट्री आफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स के सेक्रेटरी और फाइनेंशियल कमिश्नर (रेलवे) शामिल हैं.