रेलवे के निजीकरण का विरोध, युवाओं का प्रदर्शन, लाख से अधिक पदों को समाप्त किये जाने का विरोध, सोशल मीडिया के माध्यम से गोलबंद हुए छात्र, मुसल्लहपुर से निकाला आक्रोश मार्च

रेलवे के निजीकरण का युवाओं के बीच जबर्दस्त विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन किया गया। पटना में भी कारगिल चौक पर भारी संख्या में युवक जमा हुए। रेलवे के निजीकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।








इन्होंने रेलवे द्वारा साढ़े तीन लाख नौकरियों को कटौती किये जाने का विरोध किया। यह आंदोलन स्वत: स्फूर्त था। सभी सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े थे। इसके लिए युवाओं ने दिलीप कुमार के नेतृत्व में मुसल्लहपुर से कारगिल चौक तक आक्रोश मार्च निकाला। मार्च भिखना पहाड़ी, खजांची रोड, अशोक राजपथ होते हुए कारगिल चौक पहुंचा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सैकड़ों युवाओं ने एक घंटे से ज्यादा यहां प्रदर्शन किया।




प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रेलवे का निजीकरण अविलंब बंद किया जाए। समाप्त किए गए पदों पर फिर से बहाली की जाए। प्रदर्शन राज्य के विभिन्न जिलों यथा-सासाराम, नवादा, औरंगाबाद, आरा आदि में भी किया गया। यहां युवाओं ने घंटों रेल चक्का जाम किया। युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार रेलवे का निजीकरण बंद नहीं करती है तो छठ बाद आंदोलन तेज किया जाएगा। युवाओं का कहना था कि साढ़े तीन लाख से ज्यादा पदों को समाप्त किए जाने के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया है। उसी के तहत वे भी यहां कारगिल चौक पर जमा हुए हैं।




लाख से अधिक पदों को समाप्त किये जाने का विरोध

एआईएसएफ ने आंदोलन का समर्थन किया। केन्द्र सरकार के फैसले का जमकर विरोध किया। केन्द्र सरकार नौकरियों में कटौती कर रेलवे को भी निजीकरण करने पर तुली हुई है। एआईएसएफ के सुशील कुमार ने कहा बिहार के युवा काफी प्रभावित हो रहे हैं। रेलवे की नौकरियों में बिहारी युवा ज्यादा जाते हैं।