हर शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे बैंक, बैंक स्टाफ की फैमिली पेंशन भी बढ़ेगी, बैंकों में जल्द होगा 5 डे वीक

जल्द ही बैंककर्मियों के लिए फाइव डे वीक होने जा रहा है। यानी उन्हें सप्ताह में पांच दिन ही काम करना होगा। हर शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहेंगे। मौजूदा समय में प्रत्येक रविवार के अलावा हर दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं। इसके अलावा, बैंककर्मियों की फैमिली पेंशन भी बढ़ेगी और उनकी सैलरी में 15 पर्सेंट की बढ़ोतरी होगी। इसका एरियर भी उनको मिलेगा।








सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने बैंककर्मियों की अधिकतर मांगें मानने पर सहमति जता दी। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) को भी निर्देश दिया है कि वह एक महीने में बैंककर्मियों की मांगों को लेकर उनसे बात करे और इस मामले को सुलझाए। एक सीनियर अफसर के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह में बैंक यूनियंस के साथ आईबीए की बैठक होने जा रही है। जल्द ही बैठक की तारीख का ऐलान किया जाएगा।




इस बैठक में मांगों पर सहमति बनाकर नवंबर के अंत में इसके ऐलान की उम्मीद है। अधिकारी के अनुसार, 18 अक्टूबर को हुई बैठक में कई बातों पर सहमति बन चुकी है। कुछ ऐसे तकनीकी मसले थे, जिन पर वित्त मंत्रालय की ओर से सफाई की जरूरत है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि वित्त मंत्रालय पहले इन मसलों पर अपना रुख साफ करे और उसके बाद सहमति पर दोनों पक्षों की तरफ से हस्ताक्षर किए जा सकें।




ऑल इंडिया बैंक ऑफीसर्स कन्फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी सौम्या दत्ता का कहना है कि हम तो चाहते हैं कि बैंककर्मियों की मांगों को सरकार जल्द माने। हमारी कई मांगें तो साल 2017 से लंबित हैं। इन पर जल्द फैसला होने की उम्मीद है। बैंक कर्मियों की प्रमुख मांगों में बैंकों में पांच दिन कार्य करना और सैलरी में 25 पर्सेंट की बढ़ोतरी करना मुख्य हैं। हालांकि बैंक यूनियंस को भी अब इस बात का अहसास हो गया है कि 25 पर्सेंट की सैलरी हाइक पर बात नहीं बनेगी। यही कारण है कि मामला अब 15 पर्सेंट हाइक पर सुलझता दिख रहा है।

बैंक कर्मियों को लग रहा है कि अगर सरकार उनकी दूसरी मांगें मान लें तो मौजूदा परिस्थितियों में सैलरी हाइक को लेकर कुछ समझौता किया जा सकता है। इधर, एक बैंक यूनियन के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मामला 2017 से लटका हुआ है। बैंक कर्मचारी सैलरी हाइक को लेकर समझौता चाहते हैं। अगर इस मामले को ज्यादा टाला गया तो निश्चित रूप से कर्मचारियों को हानि होगी।