दशकों से रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार को सेहतमंद बनाए रखने वाले रेलवे के वरिष्ठ चिकित्सक सरकार की समयपूर्व सेवा निवृ़त्ति योजना के निशाने पर हैं।  रेलवे बोर्ड ने अगले साल जनवरी से मार्च के बीच 50 साल की उम्र पूरी करने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन दुरुस्त करने के नाम पर ऐसे चिकित्सकों को समय से पहले रेलवे से विदा करने की तैयारी शुरू हो गई है।








इस बाबत रेलवे बोर्ड ने 10 अक्तूबर को सभी जोनल महाप्रबंधकों को निर्देश जारी कर दिया है। इस पत्र के अनसुार रेल प्रशासन को दुरुस्त करने के लिए भारतीय रेलवे मेडिकल सर्विस (आईआरएमएस) के चिकित्सकों को समयपूर्व सेवा निवृत्ति देगी। इसमें उल्लेख है कि एक जनवरी से 31 मार्च 2020 तक 50 साल की आयु पूरी करने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों (एचएजी व एसएजी गे्रड) की सूची बनाई जाएगी।




आंतरिक समिति का गठन: महाप्रबंधक आंतरिक समिति का गठन करेंगे। यह समिति 50 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे 152 वरिष्ठ चिकित्सकों की सूची बनाएगी। समिति उक्त चिकित्सकों के कार्य प्रदर्शन की समीक्षा वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट, विजिलेंस केस के आधार पर करेगी। इसके आधार पर चिकित्सकों को समयपूर्व सेवा निवृत्त करने की सिफारिश की जाएगी।




सीएमओ-निदेशक विदा होंगे: समयपूर्व सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सकों में प्रैक्टिस कर रहे चिकित्सकों के साथ-साथ केंद्रीय अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र चला रहे प्रशासनिक पद पर बैठे चिकित्सक भी शामिल हैं। इसमें चीफ मेडिकल सुप्रीडेंट (सीएमओ), डिप्टी सीएमओ, डायरेक्टर आदि शामिल हैं।

64 लाख लोग निर्भर: देशभर में रेलवे के 129 केंद्रीय अस्पताल और 588 स्वास्थ्य केंद्र हैं। रेलवे कर्मचारी, सेवानिवृत्त रेलकर्मी और उनके आश्रितों की संख्या लगभग 64 लाख है, जोकि उक्त अस्पतालों और केंद्रों पर अपना इलाज कराते हैं।